ब्लॉगसेतु

रविशंकर श्रीवास्तव
5
..............................
 पोस्ट लेवल : आलेख कविता संस्मरण
रवीन्द्र  सिंह  यादव
70
रावण का विस्तृत इतिहास ख़ूब पढ़ा, तीर चलाये मनभर प्रतीकात्मक प्रत्यंचा पर चढ़ा।  बुराई पर अच्छाई की लक्षित / अलक्षित विजय का, अभियान दो क़दम भी आगे न बढ़ा!वक़्त की माँग पर ठिठककर आत्मावलोकन किया, तो पाया पुरातन परतों में ...
Bharat Tiwari
27
बाकी बहुत ज़्यादा बातें तो मैं जानती नहीं,पर जो समझ पाती हूं वो और हैऔर जो समझाई जाती हूं वो और है...अंडा-करी और आस्थादामिनी यादव की कविताआज वर्जित वार है,मैंने दिन में अंडा-करी खाई थीऔर शाम को दिल चाहा,इसलिए अपने घर के मंदिर में,बिना दोबारा नहाए ही जोत भी जलाई थी,...
Bharat Tiwari
27
...जगह दो थोड़ी सी   इस वक्त़ की हबड़ातबड़ी में   इस दुनियादारी के जंजाल में...निधीश त्यागी की भाषा में एक बेहतरीनपन है,जो ऐसा है कि हिंदी साहित्य में नए अनुभवों को तलाशने वालों को पसंद आने की पूरी ताकत रखता है. उनके गध्य का प्रशंशक रहा हूँ,&nbs...
रविशंकर श्रीवास्तव
5
..............................
 पोस्ट लेवल : कविता
रविशंकर श्रीवास्तव
5
..............................
 पोस्ट लेवल : कविता
रविशंकर श्रीवास्तव
5
..............................
 पोस्ट लेवल : कविता
रविशंकर श्रीवास्तव
5
..............................
 पोस्ट लेवल : कविता
रविशंकर श्रीवास्तव
5
..............................
 पोस्ट लेवल : कविता
Roli Dixit
163
कब आओगेख्वाहिश की तरहएक मजबूत चट्टान बनकरजि...
 पोस्ट लेवल : कविता