ब्लॉगसेतु

Asha News
83
झाबुआ। अखिल भारतीय साहित्य परिषद मालवा प्रांत द्वारा 31 अगस्त एवं 1 सितंबर को दो दिवसीय अभा मालवांचल आनलाईन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें देशभर के ख्याति प्राप्त साहित्यकारों एवं कवियों ने अपनी सहभागिता कर श्रेष्ठ एवं अनुपम काव्य रचनाओं की प्रस्तुतियां देकर...
Asha News
83
गायत्री परिवार ने दीप यज्ञ का किया अभिनव आयोजन ,बहु प्रतिक्षित प्रश्नमंच कार्यक्रम का होगा आयोजनझाबुआ। स्थानीय राजवाडा चौक पर सार्वजनिक गणेश मंडल झाबुआ द्वारा मनाये जा रहे गणेशोत्सव में  7 सितम्बर शनिवार को  पैलेस गार्डन में  अखिल भारतीय विराट कवि सम...
सतीश सक्सेना
101
जो यहाँ जन्में उन्ही का देश माना जाएगा !तेरे झंडों  से न, हिन्दोस्तान जाना जाएगा !साधू,बाबा,तांत्रिकों ने देश शर्मिन्दा किया आस्था से धन कमाने का ज़माना जाएगा !शहर जीता जब उन्होंने तब नशे में लोग थे होश आने दे शहर को ये ठिकाना जाएगा !शु...
सतीश सक्सेना
101
कड़वे तानें दरवाजे पर दे जाएँ झिड़कियां शाम ढले !  तुमने ही भुलाये थे वादे,बतलायें चिड़ियाँ शाम ढ़ले !मेरे आँगन में इक जोड़ा , बरसों से चीं चीं करता है !जाने क्यों आता देख मुझे,कुछ गुमसुम हो जाता है !कसमें वादे सपने कैसे हँसते रोते, ही&nbsp...
सतीश सक्सेना
101
मुझे कष्ट दे,वे खुद भी थक जातीं होंगीं करवट लेले खुद को खूब जगातीं होंगीं !दिन तो कटता जैसे तैसे , मगर रात भर,स्वयं लगाए ज़ख्मों को सहलातीं होंगीं !शब्द सहानुभूति के विदा हुए , कब के !अब सखियों में बेचारी,कहलातीं होंगीं !जीवन भर का संग लिखा ...
सतीश सक्सेना
101
इन ग़ज़लों में एक कहानी होती है,उन चोटों की सर्द निशानी होती है !सब कुछ बता न देना,मारे जाओगे,कुछ तो बातें हमें छुपानी होती हैं !अब न भरोसा करते हैं लंका वाले      भाई  की पहचान करानी होती है !सुना था ब्रूटस बहुत भरोस...
सतीश सक्सेना
101
लोग पूंछते परिचय मेरा,कवि का दूँ मैं परिचय क्या ?कलम अर्चना करते आये कायस्थों का परिचय क्या ? कितना सुख है कमजोरों की, रक्षा में कुछ लोगों को मुरझाये अंकुर सहलाती बदली का दूँ परिचय क्या ?प्यार,नेह, करुणा और ममता, राम  न जाने कहाँ गये ध...
सतीश सक्सेना
101
नमन करूं , गुरु घंटालों के  !पाँव छुऊँ , भूतनियों  के !राजनीति के मक्कारों ने,धन से खेली  होली है ! आओ छींटें मारे, रंग के,  बुरा न मानो होली है !गुरु है, गुड से चेला शक्करगुरु के गुरु  पटाये जाकर &nb...
सतीश सक्सेना
101
बिना जिगर हम जिंदा हैं पर यार बड़े शर्मिन्दा हैं !कितनी बार मरे हैं, लेकिन यार  बड़े शर्मिन्दा हैं !किससे वादे , जीवन भर के ,किसके हाथों में हाथ दिया !किसके संग कसमें खायीं थी  किसके जीवन में साथ दियाआंसू मनुहार सिसकियों का,अपमान हम...
गायत्री शर्मा
329
-          गायत्री शर्मा  अक्सर आयोजन लोगों को मिलाते हैं लेकिन कई बार अच्छे लोगों के मिल जाने से ही बेहतर आयोजन हो जाया करते हैं। जब अच्छे लोग मिलते हैं तो जाहिर तौर पर बातें भी अच्छी ही होती है। हमारे इस मंच की खा...