ब्लॉगसेतु

रवीन्द्र  सिंह  यादव
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रटारटाया उत्तरसुन-सुनकरमन भर गया हैवह इतना कायर हैकि प्रश्न से डर गया हैखोखले आदर्शों की नींवइतनी उथलीकि मंसूबों की इमारतभरभराकरढह गई हैकोई भोंड़ा-सा उत्तरसर्वथा अनापेक्षित हैक्योंकि प्रश्नतीखे तो होते हैं कदाचित अनंत संभावनाओं केजनक हैंसमाधान हैंकारक हैंकिरदार...
 पोस्ट लेवल : कविता प्रश्न
Meena Bhardwaj
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कल बादल का एक छोटा सा टुकड़ाबहती हवाओं के संगपतझड़ में राह भटके सूखे पत्ते की मानिन्दआ गिरा मेरी छत परछुआ तो हल्का ..नरममन को गीला करतारूह का सा अहसास लिएरूह इसलिए….., क्योंकि वह भी दिखती कहाँ है ?बस होने का अहसास भर देती हैसुनो……. !तुम्हारी दुनियाँ मे...
 पोस्ट लेवल : कविताएँ
सुनीता शानू
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 पोस्ट लेवल : कविता your quote
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--रिमझिम-रिमझिम पड़ीं फुहारे।बारिश आई अपने द्वारे।।--तन-मन में थी भरी पिपासा,धरती का था आँचल प्यासा,झुलस रहे थे पौधे प्यारे।बारिश आई अपने द्वारे।।--आँधी आई, बिजली कड़की,जोर-जोर से छाती धड़की,अँधियारे ने पाँव पसारे।बारिश आई अपने द्वारे।।--जल की मोटी बूँदें आयी,चौमास...
usha kiran
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एक प्रणाम तो बनता है उन तथाकथित गुरुओं के भी गुरुओं को जो
 पोस्ट लेवल : कविता
sanjiv verma salil
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कवितासंजीव 'सलिल'*जिसने कविता को स्वीकारा, कविता ने उसको उपकारा.शब्द्ब्रम्ह को नमन करे जो, उसका है हरदम पौ बारा..हो राकेश दिनेश सलिल वह, प्रतिभा उसकी परखी जाती-होम करे पल-पल प्राणों का, तब जलती कविता की बाती..भाव बिम्ब रस शिल्प और लय, पञ्च तत्व से जो समरस हो.उस कवि...
 पोस्ट लेवल : कविता गीत
देवेन्द्र पाण्डेय
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बिल्ली नेदो बच्चे दिए बारिश मेंभगा दिया थादिन मेंफिर आकर, रो रहे हैंरात मेंखाली नहीं है शायदकिसी के घर/आँगन का कोई कोनाआ गए हैंमेरे ही चहारदीवारी के भीतररो रहे हैं,मेरे ही कपारे पर!बिल्ली कोऐसा क्यूँ लगता है?कॉलोनी मेंमैं ही सबसे बड़ा दयालू हूँ!सुनता आया हूँ...बिल्ल...
 पोस्ट लेवल : कविता बारिश
अर्चना चावजी
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पिछले दिनों हमारे ग्रुप "गाओ गुनगुनाओ शौक से"जो कि शौकिया गाने के लिए बनाया था ,पर पूजा अनिल ने एक टास्क में विषय दिया था ,जिस पर मैंने कोशिश की वो कहने की जैसा कि पिता ने जीवन में हर समस्या को जिस तरह सुलझाया ...पिता की दृष्टि से दुनिया-कठोर पर भुरभुरीटिकी जिस पर...
 पोस्ट लेवल : पिता कविता
sanjiv verma salil
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: बाल कविता :संजीव 'सलिल'*आन्या गुडिया प्यारी,सब बच्चों से न्यारी।.गुड्डा जो मन भाया,उससे हाथ मिलाया।.हटा दिया मम्मी ने,तब दिल था भर आया।.आन्या रोई-मचली,मम्मी थी कुछ पिघली।.''नया खिलौना ले लो'',आन्या को समझाया।.शाम को पापा आएमम्मी पर झल्लाए।*हुई रुआँसी मम्मीआन्या न...
 पोस्ट लेवल : बाल कविता
Meena Bhardwaj
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एक मुद्दत के बादआईने की रेत हटा खुद के जैसाखुद की नजर सेतुमको देखापहली बार लगावक्त गुजरा कहाँ हैंवहीं थम गया है तुम्हारी पल्लू संभालतीअंगुलियों से लिपटाउजली धूप सी हँसी के साथ मानो कह रहा हो..गुजर जाऊँ मैं वो हस्ती नहींतह दर तह सिमटा युगों सेमैं तो य...
 पोस्ट लेवल : कविताएँ