ब्लॉगसेतु

संतोष त्रिवेदी
142
इधर लगातार बुरी ख़बरें आ रही थीं।वे बड़ी उम्मीद से बैठे थे पर उनका दिल बैठा जा रहा था।बार-बार वे घटनास्थल की ओर ताक रहे थे,पर उनके सिवा कुछ भी ‘घट’ नहीं रहा था।वे हर चैनल से जुड़े हुए थे।रिमोट को लगातार घुमा रहे थे,पर उनका सिर घूमने लगा।‘अनार-बाग़’ से एक ‘अनार’ तक...
kumarendra singh sengar
28
स्वतंत्रता दिवस की और पावन पर्व रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ.इस वर्ष का सावन माह अपने आपमें अभूतपूर्व घटनाओं का गवाह रहा है. इस अभूतपूर्व स्थिति में इए सुखद और पावन संयोग ही कहा जायेगा कि स्वतंत्रता का महोत्सव और भाई-बहिनों के स्नेह का पर्व एक दिन ही मनाया जा रह...
सुमन कपूर
300
होकर तेरा हिस्सा भी, तुझसे अलग सा था मैंआतंक के साये में, खुद अपनों से डरता था मैंचाह थी, हर जँजीर हट जाए फर्क और मज़हब कीइसी आज़ादी के तिरंगे की, अभिलाषा करता था मैं !! सु-मन
 पोस्ट लेवल : आज़ादी कश्मीर
विजय राजबली माथुर
75
स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं ) Anil Sinha1 hr ( 14-08-2019 )अगस्त, 1947 में जब पूरा भारतीय उपमहाद्वीप सांप्रदायिक नफरत की आग में जल रहा था, महात्मा गांधी कश्मीर गए तो उन्हे...
Bharat Tiwari
22

बस 2 मिनट बोलो :: असग़र वजाहतबस 2 मिनट बोलो2 मिनट में अपना सारा दुख सुख अपनी व्यथा अपना दर्दअपना भूत और अपना भविष्यकह डालो2 मिनट से ज्यादा का समय नहीं दिया जाएगाक्योंकि तुम्हारी कहानी बहुत छोटी हैजिसकी गर्दन पर खूनी पंजा गड़ा हो वह 2 मिनट से ज्यादा क्या बात करे...
रवीन्द्र  सिंह  यादव
180
हाँ मैं कश्मीरी लड़की हूँ! अपने देशवासियों पर भड़की हूँ। मेरा रंग और बदन पसंद तुम्हें, ये मनोविकार हैं नापसंद मुझे,गुल बनो!गुलफ़ाम को लेने,आ जाना गुलशन में!बदल सकोगे जलवायु?जिसमें पलकर मैं बड़ी हुई  सुमन पाँख-सी कोमल हूँ स्त्री का सम्मान क...
kumarendra singh sengar
28
अगस्त का आरम्भ भारतीय राजनीति के लिए, समाज के लिए यादगार माना जायेगा. ऐसा इसलिए क्योंकि सदन की तरफ से दो निर्णय ऐसे हुए जिनकी लम्बे समय से अपेक्षा ही नहीं थी वरन वे निर्णय देश के लिए, समाज के लिए अपरिहार्य भी थे. इन दो निर्णयों में तीन तलाक का मामला और धारा 370 का...
विजय राजबली माथुर
97
 कश्मीरी पंडित सागरिका क़िस्सूकश्मीर डायरी/मशहूर पत्रकार और कश्मीरी पंडित सागरिका क़िस्सू का बयान वाया अरूण कौल...5 अगस्त 2019 कश्मीरियत के खत्म होने का आख़िरी दिनमैं सिडनी में रह रही हूँ और जहाँ हूँ वहाँ ख़ुश हूँ।कश्मीरी पंडित होने के नाते मेरा भी इस मामले मे...
यूसुफ  किरमानी
199
कश्मीर डायरी/ बहुत पुरानी कहानी नहीं है..............................इराक़ में सद्दाम हुसैन की हुकूमत थी। सद्दाम इराक़ के जिस क़बीले या ग्रुप से था वह अल्पसंख्यक है। इसके बावजूद उसका बहुसंख्यक शिया मुसलमानों पर शासन था। वहाबी विचारधारा से प्रभावित होने की वजह...
विजय राजबली माथुर
75
Hemant Kumar Jha 07-08-2019 इस देश के 18 से 35 वर्ष के युवाओं के सामने सबसे बड़ी समस्या क्या है? क्या कश्मीर? या राम मंदिर? या पाकिस्तान...?या...उच्च शिक्षा में वंचित समुदाय के युवाओं के लिये घटते अवसर? रोजगार के घटते अवसर? अंध निजीकरण? श्रमिक अधिकारों पर...