ब्लॉगसेतु

Saransh Sagar
165
गीता नामक एक युवती का विवाह हुआ और वह अपने पति और सास के साथ अपने ससुराल में रहने लगी ! कुछ ही दिनों बाद गीता को आभास होने लगा कि उसकी सास के साथ पटरी नहीं बैठ रही है! सास पुराने ख़यालों की थी और बहू नए विचारों वाली ! गीता और उसकी सास का आये दिन झगडा होने लगा।द...
Saransh Sagar
165
महात्मा बुद्ध एक जंगल से गुजर रह थे। उनको एक व्यक्ति दिखा जो लगातार कईं वर्षों से एक पेड़ पर खड़ा होकर तपस्या कर रहा था। तप के कारण उसका शरीर कड़ा हो गया था। त्वचा की संवेदना नष्ट हो गई थी बुद्ध ने पूछा… आप किस कारण अपने शरीर को ऐसा कष्ट दे रहे है तपस्वी ने कहा… मैंन...
Saransh Sagar
165
एक बार एक आदमी को अपने garden में टहलते हुए किसी टहनी से लटकता हुआ एक तितली का कोकून दिखाई पड़ा. अब हर रोज़ वो आदमी उसे देखने लगा , और एक दिन उसने महसूस किया कि उस कोकून में एक छोटा सा छेद बन गया है. उस दिन वो वहीँ बैठ गया और घंटो उसे देखता रहा. उसने देखा की तितली...
Saransh Sagar
165
चन्दन वन का राजा शेर बहुत वृद्ध हो गया। इसी वजह से उसने शिकार के लिए बाहर निकलना भी बंद कर दिया। वह अब और अधिक वन पर शासन नहीं कर सकता था और इसी वजह से वन में बहुत अशांति पैदा हो गयी।शेर ने एक दिन सभी जानवरों को बुलाकर कहा कि तुम जाकर सभी जानवरों में से एक को राजा...
Saransh Sagar
165
एक शीश महल था उसमें खूब सारे शीशे लगे थे। एक इंसान की एक साथ सैकड़ो छवि बनती थी। किसी दिन एक क्रोधित कुत्ता गलती से शीशमहल में घुस गया और उसे चारों ओर क्रोधित कुत्ते नजर आने लगे। कुत्ते ने अपनी आँखे क्रोध से लाल की तो उसे एक साथ सैकड़ो कुत्ते लाल आंखों से घूरते नजर आ...
Saransh Sagar
165
एक बार एक नौजवान लड़के ने सुकरात से पूछा कि सफलता का रहस्य क्या है ? सुकरात ने उस लड़के से कहा कि तुम कल मुझे नदी के किनारे मिलो ! वो मिले और फिर सुकरात ने नौजवान से उनके साथ नदी की तरफ बढ़ने को कहा ! और जब आगे बढ़ते-बढ़ते पानी गले तक पहुँच गया, तभी अचानक सुकरात ने...
Saransh Sagar
165
बहुत समय पहले की बात है, एक गाँव में एक लड़का रहता था. वह बहुत ही गुस्सैल था, छोटी-छोटी बात पर अपना आप खो बैठता और लोगों को भला-बुरा कह देता ! उसकी इस आदत से परेशान होकर एक दिन उसके पिता ने उसे कीलों से भरा हुआ एक थैला दिया और कहा कि , ” अब जब भी तुम्हे गुस्सा आये...
Saransh Sagar
165
किसी शहर में एक जौहरी रहता था। उसका भरा-पूरा परिवार था। एक दिन अचानक दिल का दौरा पड़ने के कारण उसका निधन हो गया। उसके निधन के बाद परिवार संकट में पड़ गया। हालांकि पत्नी ने बुरे दिनो के लिए कुछ रूपये-पैसे बचा कर रखे थे। पर भला वे कितने दिन तक चलते ? इसलिए उनके खाने...
Saransh Sagar
165
बहुत समय पहले की बात है , चंदनपुर का राजा बड़ा प्रतापी था , दूर-दूर तक उसकी समृद्धि की चर्चाएं होती थी, उसके चार आने का हिसाब महल में हर एक सुख-सुविधा की वस्तु उपलब्ध थी पर फिर भी अंदर से उसका मन अशांत रहता था। उसने कई ज्योतिषियों और पंडितों से इसका कारण जानना चाहा,...
Saransh Sagar
165
एक गांव में एक आदमी अपने प्रिय तोते के साथ रहता था, एक बार जब वह आदमी किसी काम से दूसरे गांव जा रहा था, तो उसके तोते ने उससे कहा – मालिक, जहाँ आप जा रहे हैं वहाँ मेरा गुरु-तोता रहता है. उसके लिए मेरा एक संदेश ले जाएंगे ? क्यों नहीं ! – उस आदमी ने जवाब दिया, मेरा सं...