ब्लॉगसेतु

दिनेशराय द्विवेदी
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पिछले चार-पाँच दिनों से जिस तरह की रिपोर्टें आ रही हैं उन से लग रहा था कि भारत में 75-80 प्रतिशत कोरोना संक्रमित ऐसे हैं जिनमें कोई लक्षण ही नहीं नजर आ रहे हैं। वे समाज में खुले घूम रहे हैं और निश्चित ही अनेक को संक्रमित भी कर रहे हैं। इस पर कल ही लिखना चाहता था, प...
दिनेशराय द्विवेदी
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मजदूरों के पलायन की वजह क्या थी?भारत के प्रधानमंत्री ने 24 मार्च 2020 की शाम 8 बजे टीवी-रेडियो से जीवित प्रसारण में सूचना दी कि कोविद-19 महामारी से बचाव के लिए आधी रात अर्थात 25 मार्च शुरु होते ही देश भर में 21 दिनों का लॉकडाउन आरंभ हो जाएगा। इस के पहले उन्होंने 19...
दिनेशराय द्विवेदी
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छँटनी की परिभाषा बदलने से जन्मी श्रमिक-कर्मचारियों की नई श्रेणीदेश के श्रम न्यायालयों और औद्योगिक न्यायाधिकरणों में जो प्रकरण लंबित हैं, मेरे अनुमान के अनुसार उनमें से 80 प्रतिशत से अधिक केवल छंटनी के मामले हैं। 1984 में छंटनी की परिभाषा में परिवर्तन के पहले तक उसक...
दिनेशराय द्विवेदी
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श्रम कानून में परिवर्तन से मजदूर वर्ग की स्थिति कैसे बदतर हुई?फरवरी 1978 में सुप्रीमकोर्ट के 7 न्यायाधीशों की वृहत पीठ ने बैंगलोर वाटर सप्लाई एण्ड सीवरेज बोर्ड व अन्य बनाम आर. राजप्पा व अन्य के मुकदमे में निर्णय पारित कर यह स्पष्ट कर दिया था कि किस तरह के संस्थानों...
दिनेशराय द्विवेदी
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नए कानूनों ने मजदूर वर्ग को कमजोर और असहाय बनायाकेन्द्र और देश के अधिकांश राज्यों में श्रीमती इन्दिरागांधी की पार्टी कांग्रेस (इ) की सरकारें थी। तभी ठेकेदार मजदूर (विनियमन एवं उन्मूलन) अधिनियम-1970 संसद में पारित हुआ। इसका उद्देश्य बताया गया था कि ठेकेदार मजदूरों क...
Pawan Kumar Sharma
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पवन कुमार, नई दिल्ली
 पोस्ट लेवल : किस्सा महिला कानून
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--कोरोना को देख कर, बना रहे जो बात।वो ही देश-समाज को, पहुँचाते आघात।।--अच्छे कामों का जहाँ, होने लगे विरोध।आता देश समाज को, ऐसे दल पर क्रोध।।--मुखिया जिस घर में नहीं, होता है दमदार।समझो उस परिवार का, निश्चित बण्टाधार।। --मुखिया ने मझधार में, छोड़ी...
अजय  कुमार झा
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               इस देश का मौजूदा कानून अपने आप में एक गाली है बाक़ी तो सब निमित्त मात्र हैं | आज सात साल के इंतज़ार के बाद देश में हुए और हो रहे अत्यंत दुर्दांत बलात्कार में से एक बेटी के दोषियों को जैसे जैसे सज़ा पर टँगवा क...
Pawan Kumar Sharma
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पवन कुमार, नई दिल्ली
यूसुफ  किरमानी
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शाहीन बाग में कहानी के किरदारों की तलाशकोई लेखक-लेखिका जब किसी जन आंदोलन में अपनी कहानियों और उपन्यासों के किरदारों को तलाशने पहुंच जाए तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि शाहीन बाग का आंदोलन कहां से कहां तक पहुंच गया है।हिंदी की मशहूर उपन्यासकार औऱ कहानी लेखिका नासिरा श...