ब्लॉगसेतु

Pawan Kumar Sharma
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पवन कुमार, नई दिल्ली
 पोस्ट लेवल : किस्सा महिला कानून
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--कोरोना को देख कर, बना रहे जो बात।वो ही देश-समाज को, पहुँचाते आघात।।--अच्छे कामों का जहाँ, होने लगे विरोध।आता देश समाज को, ऐसे दल पर क्रोध।।--मुखिया जिस घर में नहीं, होता है दमदार।समझो उस परिवार का, निश्चित बण्टाधार।। --मुखिया ने मझधार में, छोड़ी...
अजय  कुमार झा
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               इस देश का मौजूदा कानून अपने आप में एक गाली है बाक़ी तो सब निमित्त मात्र हैं | आज सात साल के इंतज़ार के बाद देश में हुए और हो रहे अत्यंत दुर्दांत बलात्कार में से एक बेटी के दोषियों को जैसे जैसे सज़ा पर टँगवा क...
Pawan Kumar Sharma
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पवन कुमार, नई दिल्ली
यूसुफ  किरमानी
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शाहीन बाग में कहानी के किरदारों की तलाशकोई लेखक-लेखिका जब किसी जन आंदोलन में अपनी कहानियों और उपन्यासों के किरदारों को तलाशने पहुंच जाए तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि शाहीन बाग का आंदोलन कहां से कहां तक पहुंच गया है।हिंदी की मशहूर उपन्यासकार औऱ कहानी लेखिका नासिरा श...
यूसुफ  किरमानी
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एनपीआर जो है वो एनआरसी से ख़तरनाक कैसे है...आज हमने काफ़ी वक्त एनपीआर को समझने में लगाया, जिसके बारे में सरकार ने कल विस्तार से जानकारी दी थी...जब आप एनपीआर को पढ़ना शुरू करेंगे तो आपको सब कुछ अच्छा और आसान लगेगा लेकिन अगर आप उस लाइन को भी सरसरी तौर पर पढ़ कर आगे ब...
ज्योति  देहलीवाल
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नागरिकता संशोधन कानून को सही या गलत बताने वालों के अपने-अपने तर्क-वितर्क हैं। समर्थकों का कहना हैं कि इससे पाकिस्तान, बांग्ला देश और अफ़गानिस्तान के अल्पसंख्यक हिंदू, सिख, जैन, पारसी और ईसाईयों को प्रताड़ना से राहत दिलाई जाएगी। इस कानून के विरोधियों का मानना हैं कि...
यूसुफ  किरमानी
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किनारे पर खड़े लोगों, बस इतना ध्यान में रखनासमंदर ज़िद पे आयेगा, तो सबके घर डुबो देगा।-हुसैन हैदरी, शायर, फ़िल्म गीतकारkinaare par khade logon, bas itna dhyaan mein rakhnasamandar zidd pe aayega, to sabke ghar dubo dega-Hussain Haidry, Poet, Film Lyristवह लोग जो अभ...
Yashoda Agrawal
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व्यंजना है बेअसर, कविता से कागज भर गयानष्ट हो गए पेड़ सारे, एक जंगल मर गया.पीछे पड़े जो कुछ लफंगे, बुद्धि ओ उस्ताद के,द्रोही कलम घोषित हुई, विचार निहत्था झर गया.बांसुरी के वक़्त पर शंख का उन्माद है,आलाप गुम जाने कहां, चीखों से गुम्बद भर...
 पोस्ट लेवल : ब्रजेश कानूनगो
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--न्यायालय तो साक्ष्य पर, करता सोच-विचार।आये जो भी फैसला, करो उसे स्वीकार।।--देते हैं सन्देश ये, गीता और कुरान।आपस में लड़ते नहीं, राम और रहमान।।--नहीं किसी की हार है, नहीं किसी की जीत।सत्य-तथ्य से है बँधा, होता काल-अतीत।।--सारी दुनिया जानती, भारत के थे राम।मच...