--तन्त्र अब खटक रहा है।सुदामा भटक रहा है।।--कंस हो गये कृष्ण आज,मक्कारी से चल रहा काज,भक्षक बन बैठे यहाँ बाज,महिलाओं की लुट रही लाज,तन्त्र अब खटक रहा है।सुदामा भटक रहा है।।--जहाँ कमाई हो हराम कीलूट वहाँ है राम नाम की,महफिल सजती सिर्फ जाम कीबोली लगती जहाँ चाम क...