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sanjiv verma salil
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पुस्तक चर्चा-संक्रांतिकाल की साक्षी कवितायेंआचार्य भगवत दुबे*[पुस्तक विवरण- काल है संक्रांति का, गीत-नवगीत संग्रह, आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल', प्रथम संस्करण २०१६, आकार २२ से.मी. x १३.५ से.मी., आवरण बहुरंगी, पेपरबैक जैकेट सहित, पृष्ठ १२८, मूल्य जन संस्करण २००/-, पुस्...
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समीक्षायह ‘काल है संक्रांति का’- राजेंद्र वर्मागद्य-पद्य की विभिन्न विधाओं में निरंतर सृजनरत और हिंदी भाषा के व्याकरण तथा पिंगल के अधिकारी विद्वान आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’ ने खड़ी हिंदी के समांतर बुंदेली, ब्रज, भोजपुरी, अवधी, छत्तीसगढ़ी, मालवी, निमाड़ी, राजस्थानी, हर...
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समीक्षा- आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’ के गीत- नवगीत संग्रह ‘काल है संक्रांति का’तथा‘सड़क पर’ -ं डाॅ. रमेश चंद्र खरे, दमोह*व्यक्ति की दबी प्रकृति और रुचि प्राप्त आजीविका में भी अंततःअपना मार्ग खोज ही लेती है। सिविल इंजीनियर संजीव वर्मा भी ‘लोकनिर्माण’ के व्यस्त जीवन मे...
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समीक्षा-"काल है संक्रांति का" आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल' की अनुपम नवगीत कृति - इंजी. संतोष कुमार माथुर, लखनऊ *एक कुशल अभियंता, मूर्धन्य साहित्यकार, निष्णात संपादक, प्रसिद्ध समीक्षक, कुशल छंदशास्त्री, समर्पित समाजसेवी पर्यावरणप्रेमी, वास्तुविद अर्थात बहुमुख...
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समीक्षाकाल है संक्रांति काचंद्रकांता अग्निहोत्री*शब्द, अर्थ, प्रतीक, बिंब, छंद, अलंकार जिनका अनुगमन करते हैं और जो सदा सत्य की सेवा में अनुरत हैं, ऐसे मनीषी के परिचय को शब्दों में बाँधना कठिन है। इनकी कविताओं को प्रयोगवादी कविता कहा जा सकता है। काल है संक्रांति का...
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पुस्तक समीक्षा आधुनिक समय का प्रमाणिक दस्तावेज 'काल है संक्रांति का' समीक्षक- डॉ. रोहिताश्व अस्थाना, हरदोई *गीत संवेदनशील हृदय की कोमलतम, मार्मिक एवं सूक्ष्मतम अभिव्यक्तियों की गेयात्मक, रागात्मक एवं संप्रेषणीय अभिव्यक्ति का नाम है। गीत में प्रायः व्...
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पुस्तक समीक्षा -नव आयामी नवगीत संग्रह 'काल है संक्रांति का'डाॅ. अंसार क़म्बरी*आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’ जी का गीत-नवगीत संग्रह ‘‘काल है संक्रांति का’’ प्राप्त कर हार्दिक प्रसन्नता हुई। गीत हिन्दी काव्य की प्रभावी एवं सशक्त विधा है । इस विधा में कवि अपनी उत्कृष्ट अनु...
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पुस्तक चर्चा-संक्रांतिकाल की साक्षी कवितायेंआचार्य भगवत दुबे*[पुस्तक विवरण- काल है संक्रांति का, गीत-नवगीत संग्रह, आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल', प्रथम संस्करण २०१६, आकार २२ से.मी. x १३.५ से.मी., आवरण बहुरंगी, पेपरबैक जैकेट सहित, पृष्ठ १२८, मूल्य जन संस्करण २००/-, पुस्...
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पुस्तक चर्चा-संक्रांतिकाल की साक्षी कवितायेंआचार्य भगवत दुबे *[पुस्तक विवरण- काल है संक्रांति का, गीत-नवगीत संग्रह, आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल', प्रथम संस्करण २०१६, आकार २२ से.मी. x १३.५ से.मी., आवरण बहुरंगी, पेपरबैक जैकेट सहित, पृष्ठ १२८, मूल्य जन संस्करण २००/-...
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निकष पर-काल है संक्रांति का[पुस्तक विवरण- काल है संक्रांति का, गीत-नवगीत संग्रह, आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल', प्रथम संस्करण २०१६, आकार २२ से.मी. x १३.५ से.मी., आवरण बहुरंगी, पेपरबैक जैकेट सहित, पृष्ठ १२८, मूल्य जन संस्करण २००/-, पुस्तकालय संस्करण ३००/-, समन्वय प्रकाश...