ब्लॉगसेतु

रवीन्द्र  सिंह  यादव
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किताब-ए-वक़्त में क्या-क्या और लिखा जाने वाला है किसी को ख़बर नहीं कुछ नक़्शे बदल जाएँगेअगर बचे झुलसने सेचिड़ियों के घोंसलेरहेंगे वहीं के वहींढोएगी मानवता महत्त्वाकाँक्षी मस्तिष्कों की कुंठित अराजकतामनुष्य का भौतिकता मेंजकड़ा जानावक़्त का सच है बुज़ुर्गों की उपेक्षामासूमो...
 पोस्ट लेवल : कविता किताब-ए-वक़्त
अनीता सैनी
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 राह जीवन की सुलभ बनातीं,  सद्बुद्धि का आधार किताबें,  गहन निराशा में गमन करातीं,   उम्मीद का थामे हाथ किताबें। क्रूर दानव को मानव बनातीं, चेतन मन का शृंगार किताबें, मधुर शब्दों का मोहक संगम, सुधी पर शीतल बौछार...
संतोष त्रिवेदी
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पुस्तक मेले में घुसते ही ‘वो’ दिखाई दिए।मैं कन्नी काटकर निकलना चाहता था पर उन्होंने पन्नी में लिपटी अपनी किताब मुझे पकड़ा दी।फिर फुसफुसाते हुए बोले, ‘अब आए हो तो विमोचन करके ही जाओ।तुम मेरे आत्मीय हो।आपदा में अपने ही याद आते हैं।’ ऐसा कहते हुए वे मुझे साहित्य में उ...
सुशील बाकलीवाल
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        इन दिनों वॉट्सएप पर एक मैसेज चलन में बना हुआ है जिसमें वर्षों बाद उन्नति के ऊंचे शिखर पर स्थापित एक छात्र अपने पूर्व प्रोफेसर से मिलने पर उसका धन्यवाद करते हुए कहता है कि सर आज मैंने जो कुछ भी हासिल किया है वो आपकी उस एक दिन की उदारता का...
सुशील बाकलीवाल
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          एक भिखारी रोज एक दरवाजें पर जाता और भीख के लिए आवाज लगाता, जब घर मालिक बाहर आता तो उसे गालिया और ताने देता- मर जाओ, काम क्यूं नही करते, जीवन भर भीख मांगतें रहोगे, कभी-कभी गुस्सें में उसे धकेल भी देता, पर भिखारी...
Ashok Kumar
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नॉटनल डॉट कॉम (notnul.com) एक तरह का नवोन्मेष है जहाँ इसके कर्ता-धर्ता नीलाभ श्रीवास्तव हिन्दी की महत्त्वपूर्ण पत्रिकाओं के साथ किताबें भी सॉफ्ट वर्ज़न में ला रहे हैं और बेहद कम दामों में युवा पीढ़ी को उनके मोबाइल्स और लैपटॉप पर हिन्दी का श्रेष्ठ साहित्य उपलब्ध करा र...
संजीव तिवारी
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किताब पढ़ने के मामले में मन में पूर्वग्रह नहीं पालना चाहिए। मैंने बरसों नेहरु पर लिखी एम जे अकबर की किताब इसलिए नहीं पढ़ी क्योंकि मैं उनको कांग्रेस का नेता समझता रहा। बाद में पढ़ी तो समझ में आया कि कितनी अच्छी किताब थी। यही हाल दिनकर जी की किताब 'लोकदेव नेहरु' के स...
Ashok Kumar
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सीरिया विश्व मानचित्र पर एक घाव सा है या बेहतर होगा यह कहना कि सीरिया मनुष्यता की देह पर एक घाव सा है. मराम अल-मासरी की कविताएँ उन घावों और खरोंचों को उनकी पूरी तल्खी के साथ अपनी कविताओं में ले आती हैं तो देवेश ने अपने अनुवादों से उन्हें हिन्दी के पाठक तक लाते हुए...
Ashok Kumar
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युवा कथाकार अनघ शर्मा का पहला कहानी संकलन "धूप की मुंडेर" अभी हाल ही में राजकमल प्रकाशन से आया है. उसी संकलन से एक कहानी. “डाल दिया रे पानी पे बिछौना,किसने किया रे ये पानी पे बिछौनाससुर हमारे चौधरी,सास बड़ी तेताल,हाय- हाय- हाय दिन रात लड़े हैडाल दिया रे पानी पे...
Ashok Kumar
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प्रेमलहरी मुग़ल शहज़ादी और एक कवि के प्रेम का आख्यान है. आप इसे असफल प्रेम का आख्यान भी कह सकते हैं लेकिन प्रेम तो अपने होने में ही सफल हो जाता है. एक स्पर्श में, एक चुम्बन में, एक भाव में... उसकी असफलता और सफलता के पैमाने किसी खेल की जीत-हार से कैसे हो सकते हैं? त्र...