ब्लॉगसेतु

सुशील बाकलीवाल
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            सेवा के इस अनूठे आयोजन से खुद को जोडें । वर्तमान के मोसमी फल जैसे आम, जामुन, चिकू इत्यादी जिनका हममे से कोई भी उपयोग करने के बाद कृपया इनके बीज फेंके नही, बल्कि इन्हें पानी से धोकर एक प्लास्टीक की थ...
मधुलिका पटेल
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सोच रहा हूँ आज अपने गाँव लौट लेगांवों में अब भी कागा मुंडेर पर नज़र आते हैंउनके कांव - कांव से पहुने घर आते हैं पाँए लागू के शब्दों से होता है अभिनंदनआते ही मिल जाता है कुएँ का ठंडा पानी और गुड़ धानीनहीं कोइ सवाल क्यों आए कब जाना है नदी किनारे गले मे...
Akhilesh Karn
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फिल्म : गंगा किनारे मोरा गांवगायक : मो. अजीज, साधना सरगमगीतकार : लक्ष्मण सहाबादीसंगीतकार : चित्रगुप्तजैसे रोज आवेलू तू टेर सुनि केअइयो रे निंदिंया निंदर वन सेजैसे रोज आवेलू तू टेर सुनि केअइयो रे निंदिंया निंदर वन सेबड़ा होके सोनर ललन राज करिहेंहीरा मोती लोगवा दिन र...
Kailash Sharma
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मत बांधो जीवन नौकाकिसी किनारे सागर के   रिश्तों की ड़ोर से,आती जाती हर लहरटकरायेगी नौका कोबार बार किनारे से,और लौट जायेगीदेकर एक नयी चोट  करके तन क्षत-विक्षत.छोड़ दो नौका लहरों के सहारे,शायद न मिले मंज़िलपर होगा बेहतर डूब जानाचोट लगने से अंतस...
Kailash Sharma
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जीवन सतत संघर्षकभी अपने से कभी अपनों सेऔर कभी परिस्थितियों से,एक नदी की तरह जो टकराती राह में कठोर चट्टानों से और बढ़ती जातीलेकर साथ दोनों किनारों को  अविचल आगे राह मेंअपनी मंज़िल सागर की ओर.आने पर मंजिल खो देती अपना अस्तित्व विशाल सागर में,छोड़ देते साथ किनारेले...