किसी की अक्स पे कुर्बान, ये सारे गम तो नहीं होतेअगर होते भी तो क्या, तुम नहीं होतेहमने देखा है लहरों में नईया पार होतेडगमगाकर चलते और फिर शांत होतेखेवनहार की साहस पर तरंगों को शर्मशार होतेकुछ दूर चलते और फिर सब पर अधिकार होतेकिन्हीं पलकों के साये में ख्वाब पलते कम...