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सुमन कपूर
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अनगिनत प्रयास के बाद भीअब तक'तुम' दूर हो अछूती हो और 'मैं' हर अनचाहे से होकर गुजरता प्रारब्ध ।एक दिन किसी उस पल बिना प्रयास 'तुम' चली आओगीमेरे पास और बाँध दोगी श्वास में एक गाँठ ।तब तुम्हारे आलिंगन में सो जाऊँगा 'मैं' गह...
सुमन कपूर
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मेरे जाने के बादहोती रहेंगी यूँ ही सुबहेंशामें भी गुजरेंगी इसी तरहरातें कभी अलसाई सी स्याह होगींकभी शबनमी चांदनी से भरपूरखिला करेंगे यूँ हीये बेशुमार फूल इस आँगनकमरा यूँ ही सजा रहेगाकुछ मामूली और कीमती चीज़ों सेयूँ चलती रहेगी घड़ी टिक-टिकचलता रहेगा वक़्त अपनी चालधड़कता...
सुमन कपूर
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जीये जाते हुए जाना व्यर्थ नहीं होता कुछ भी हर पल के हिस्से में लिखा होता है कुछ खास चाहा या अनचाहा आस के ढेर पर बैठ जीए जाते हैं हम अनेक पल हर आने वाले पल में तलाश करते हैं बस ख़ुशीभूल जाते हैं अपने गुनाह अपनी इच्छाओं की चाहते हैं पूर्ति  ताउम्र देखते हैं सपने...
सुमन कपूर
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     1जिन्दगी की खुशियाँ दामन में नहीं सिमटतीऐ मौत ! आतुझे गले लगा लूँ...........    2जिन्दगी एक काम करमेरी कब्र परथोड़ा सकून रख देकि मर करजी लूँ ज़रा..........     3  जिन्दगी दे दे मुझेचन्द टूटे ख़्वाबकुछ...
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सुमन कपूर
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    तू दूर रह कर भी मेरे पास है  जाने कैसा ये तेरा एहसास हैबावरा मन ये कहता है मेरा     तू हमनवा हमखयाल है मेरा !!                &nbsp...
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सुमन कपूर
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मैनें बोया था एक बीज तेरी याद का कुछ दिन हुए एक कांटा उभर आया है उससे जख़्म-ए-दिल को सिल रही हूँ ।                            &nbs...
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सुमन कपूर
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इक कतरा जिन्दगी का.........रोज शाम यूं ही रात में बदलती है                             पर हर रात अलग होती है कभी आँखें ख्वाबो...
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सुमन कपूर
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अकसर ऐसा होता है कि सपने टूट जाया करते हैं पर इंसान जज़्बाती है ना.............. फिर से नई आस के साथ सपने बुनने लगता है टूटता है, बिखरता है पर सपने संजोना बन्द नहीं करता.............बस सपनों को हकीकत में बदलते देखना चाहता है.........      &n...
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सुमन कपूर
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जीवन की राहों में कई बार कदम कुछ ऐसी राह पकड़ लेते हैं जिसकी कोई मंजिल नहीं होती या यूं कहो कि मंजिल सपना बन जाती है और वो राह स्वप्निल ।स्वप्निल राह जीवन की सच्चाई से अनभिज्ञ वो बढ़ती जा रही थी स्वप्निल रास्तों के गांव लेकर विचारों की छांव कदम पर आई ठोकर को विश्वा...
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सुमन कपूर
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