ब्लॉगसेतु

अनीता सैनी
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 उजड़ रहा है साहेब धरा के दामन से विश्वास सुलग रही हैं साँसें कूटनीति जला रही है ज़िंदा मानस   सुख का अलाव जला भी नहीं दर्द धुआँ बन आँखों में धंसाता गया  निर्धन हुआ बेचैन  वक़्त...
kumarendra singh sengar
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इस बार विचार किया था कि अपने संसदीय क्षेत्र के निर्वाचन होने तक राजनैतिक पोस्ट लिखने से बचा जायेगा. ऐसा इसलिए क्योंकि वर्तमान राजनैतिक परिदृश्य में सभी लोग, उसमें हम भी शामिल हैं, पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं. सभी का किसी न किसी दल, विचारधारा के प्रति एक तरह का पूर्वाग...
विजय राजबली माथुर
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  ~विजय राजबली माथुर ©
जन्मेजय तिवारी
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                      यहाँ स्थानान्तरित होकर आने के बाद मैंने अपने कार्य-क्षेत्र के पड़ोसियों पर एक जासूस की तरह निगाह दौड़ाई । पड़ोसियों से अभिप्राय अलग-अलग कार्यों के प्रभार वाले मेरे सहकर्मी ।...
kumarendra singh sengar
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पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के हमले के बाद देशभर में पाकिस्तान से युद्ध करके समाधान निकालने की आवाज़ उठने लगी है. यहाँ मूल रूप से जो प्रतिध्वनि हो रही है वो पाकिस्तान विरोध की है. इस प्रतिध्वनि में कुछ ध्वनियाँ ऐसी भी सुनाई दे रही हैं जो इस विषम परिस्थिति में भी पाकि...
girish billore
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