ब्लॉगसेतु

मनीष कुमार
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भारत के दक्षिणी पश्चिमी कोने पर बसा एक दुबला पतला सा राज्य है केरल पर ये राज्य अपनी कृशकाया में ना जाने कितनी विविध संस्कृतियों को सैकड़ों सालों से समेटता आया है। इतिहास गवाह है कि इसकी दहलीज़ पर जब जब व्यापारियों और धर्म प्रचारकों ने कदम रखे उन्हें यहाँ के राजाओं न...
 पोस्ट लेवल : Kerala केरल
रणधीर सुमन
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सभी मनुष्यों से अनुरोध है कि केरल के नागरिकों की हरसंभव मदद कर देश की एकता और अखंडता की रक्षा करें.रणधीर सिंह सुमन
Kajal Kumar
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वंदना अवस्थी दुबे
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कोच्चि जाने की चार महीने पुरानी प्लानिंग पर उस समय पानी फिरता नज़र आया, जब हमारी ट्रेन लेट पर लेट होती गयी। लगा, कहीं कैंसिल ही न हो जाये! ख़ैर! राम-राम करते, सुबह चार बजे आने वाली ट्रेन शाम साढ़े चार बजे आई। बोगी में घुसे तो शाम को ही रात जैसा नज़ारा दिखाई दिया। हर तर...
रणधीर सुमन
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लोकसंघर्ष पत्रिका का विमोचन करते हुए प्रकाश बाबू कोल्लम.  स्पोर्ट्स क्लब,  भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के 23 वें महाधिवेशन के सांस्कृतिक पंडाल में लोक संघर्ष पत्रिका द्वारा प्रकाशित विशेषांक का विमोचन करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय परिषद स...
अनंत विजय
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चंद महीनों पहले तक केरल की सियासत में बीजेपी का नाम सीरियस प्लेयर के तौर पर नहीं लिया जाता था। पिछले विधानसभा चुनाव में भी पहली बार बीजेपी का एक विधायक वहां चुना गया था लेकिन बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह की रणनीति के बाद अब केरल में बीजेपी प्रमुख विपक्षी दल के तौर पर...
रणधीर सुमन
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दार्जिलिंग में भारतीय जनता पार्टी के पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष पिटाई कर दी जबकि उनके काफिले के कई अन्य लोगों को भी  मारपीट का निशाना बनाया गया. घोष बुधवार से दार्जिलिंग हिल्स एरिया के दौरे पर थे. उनका यहां लगातार विरोध हो रहा था.दिलीप घोष के का...
आदित्य शुक्ला
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1. देश में हुई हालिया घटनाओं के विरुद्ध प्रतिरोध के स्वर केवल एक धर्म विशेष को ही लेकर क्यों उठते हैं, उनमें किसी और धर्म को क्यों शामिल नहीं होता। जैसे नॉटआॅनमाईनेम में पंडित आयूब की हत्या, डॉ नारंग की हत्या, केरल में लगातार हो रही पॉलिटिकल हत्याओं, पश्चिम बंगाल म...
Yashoda Agrawal
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समाज में बदलाव लाने और लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए दिए गए बलिदान की कई घटनाएं इतिहास में दर्ज हैं. ऐसी ही एक घटना में केरल में एक क्रूर प्रथा के खात्मे के लिए एक महिला द्वारा दी गई अपने प्राणों की कुर्बानी हमेशा के लिए केरल के इतिहास में दर्ज हो ग...
हर्षवर्धन त्रिपाठी
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हिंदुस्तान में वामपंथ की बात होते ही, लाख बुराइयों के बाद भी इसे सरोकारी घोषित कर देने वालों की लंबी कतार है। दरअसल, ज्यादातर विकास के किसी भी काम का विरोध करके वामपंथियों ने अपनी छवि ऐसी दुरुस्त की है। लेकिन, अगर थोड़ा ध्यान से देखा जाए, तो शायद की सरोकार और वामपं...