ब्लॉगसेतु

kumarendra singh sengar
29
इन्सान ने अपनी भाषा का आविष्कार, शब्दों का निर्माण बाद में किया था सबसे पहले उसने चित्रों का प्रयोग करना शुरू किया था. उनके बीच बातचीत का माध्यम चित्र ही हुआ करते थे. वे चित्र या तो दीवारों पर जिंदा रहे या फिर किसी धातु के टुकड़े पर. ये चित्र मानव मन की कल्पना भी थे...
kumarendra singh sengar
29
कल, 29 जून को नेशनल कैमरा डे मनाया जाता है, ऐसी जानकारी मिली. इसके बाद कुछ मित्रों ने इस सम्बन्ध में बताया भी और फोटो लगाने को कहा. इधर बहुत दिनों से इस तरफ से अचानक ही सुस्ती छाई हुई है, इसके चलते फोटो खींचना हुआ भी नहीं. कुछ पुरानी फोटो इस अवसर पर लगा रहे है...
 पोस्ट लेवल : कैमरा डे चित्र
kumarendra singh sengar
29
प्रत्येक व्यक्ति के साथ कुछ न कुछ गुण विरासतन मिलते हैं. हमारे भीतर भी विरासत में तमाम गुण (अवगुण भी, पर अवगुणों की चर्चा फिर कभी) मिले हैं. ऐसे ही गुणों में एक गुण फोटोग्राफी का पिताजी से मिला है. हम कक्षा आठ में थे, लगभग ११-१२ साल के तब कैमरा मिल गया था और तभी से...
जन्मेजय तिवारी
443
                                  पिछली बार भइया जी जब सत्ता में आए थे, तो अपने सारे नेताओं को निर्देश निर्गत किया था कि वे प्रत्येक कम से क...
Kheteswar Boravat
48
..............................
Kheteswar Boravat
48
..............................
Kheteswar Boravat
48
..............................
जन्मेजय तिवारी
443
                       बधाइयों का तांता लगा हुआ था । इधर मोबाइल की घंटी रुकने का नाम नहीं ले रही थी, उधर लोगों के आने का सिलसिला थम नहीं रहा था । सिंह-कुटीर आज अपने शबाब पर था । चारों तरफ फूलों की झाल...
ललित शर्मा
61
..............................
जन्मेजय तिवारी
443
                   नेता जी का जन्मदिन बड़े ठाट-बाट व शोर-शराबे के साथ मनाया जा रहा था । नेता बड़ा हो और आयोजन छोटा, तो प्रतिष्ठा का पारा रसातल में जाने का भय रहता है । वैसे भी ये गरीबों व गरीबी के नेता हैं, ऐसे...