ब्लॉगसेतु

निरंजन  वेलणकर
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रुकी रुकी थी ज़िंदगीझट से चल पड़ीहुई खुशी से दोस्तीमज़ा ले ले हर घड़ीएक पल में सब कुछ मिल गयासामने मंज़िल खड़ी......उसके सिवा कुछ याद नहींउसके सिवा कोई बात नहींउन ज़ुल्फो की छवो मेंउन गहरी निगाहों मेंउन क़ातिल अदाओं मेंहुआ हुआ हुआ मैं मस्तउसका नशा मै क्या कहूँ..हर लम...
Yashoda Agrawal
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साँप, बाज, और ब्राह्मणी, इन तीनों में अपराधी कौन?बनारस में देवस्वामी नाम का एक ब्राह्मण रहता था। उसके हरिदास नाम का पुत्र था। हरिदास की बड़ी सुन्दर पत्नी थी। नाम था लावण्यवती। एक दिन वे महल के ऊपर छत पर सो रहे थे कि आधी रात के समय एक गंधर्व-कुमार आकाश में घूमता हुआ...
Yashoda Agrawal
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अंग देश के एक गाँव मे एक धनी ब्राह्मण रहता था। उसके तीन पुत्र थे। एक बार ब्राह्मण ने एक यज्ञ करना चाहा। उसके लिए एक कछुए की जरूरत हुई। उसने तीनों भाइयों को कछुआ लाने को कहा। वे तीनों समुद्र पर पहुँचे। वहाँ उन्हें एक कछुआ मिल गया। बड़े ने कहा, “मैं भोजनचंग हूँ, इसलि...
भावना  तिवारी
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कसूरवार कौन ? #meremankee #rishabhshukla #book #poetry #hindi #onlinegathaबात तब की है जब मै सिर्फ १२ साल का था | मै अपने जन्म स्थान, उत्तरप्रदेश के भदोही जिले में अपने माता-पिता के साथ रहता था | वही भदोही जो अपने कालीन निर्यात के लिए विश्व विख्यात है | मेरा प...
rishabh shukla
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कसूरवार कौन ? #meremankee #rishabhshukla #book #poetry #hindi #onlinegathaबात तब की है जब मै सिर्फ १२ साल का था | मै अपने जन्म स्थान, उत्तरप्रदेश के भदोही जिले में अपने माता-पिता के साथ रहता था | वही भदोही जो अपने कालीन निर्यात के लिए विश्व विख्यात है | मेरा प...
Bhavna  Pathak
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मां तुम कैसी थीं बचपन मेंकरती थीं शैतानी जब तुमनानी डांट लगातीं थीं क्यारोज रात को तुम्हें सुलानेनानी लोरी गाती थीं क्याउठे सवाल ये मेरे मन मेंमां तुम कैसी थीं बचपन मेंकौन कौन से खेल खेलती थींमां तुम अपने बचपन मेंनए खिलौनों की खातिर क्यामचला करती थीं बचपन मेंलोट लो...
Yashoda Agrawal
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मेरे अंतर मन का दर्पण या मेरी परछाई हो,कौन हो तुम जो इस दुनिया में मेरी खातिर आई हो ?चंद्र सी आभा मुख मंडल पर,जुल्फ घटा सी छाई है,चन्द्रबदन,मृगनयनी हो तुम तन पर चिर तरुणाई है,चाल चपल चंचला के जैसी ,स्वर में तेरे गहराई है,तुमने मुझको जनम दिया है,या तू मेरी...
sanjiv verma salil
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एक कविता:कौन हूँ मैं?...संजीव 'सलिल'*क्या बताऊँ, कौन हूँ मैं?नाद अनहद मौन हूँ मैं.दूरियों को नापता हूँ.दिशाओं में व्यापता हूँ.काल हूँ कलकल निनादितकँपाता हूँ, काँपता हूँ. जलधि हूँ, नभ हूँ, धरा हूँ.पवन, पावक, अक्षरा हूँ.निर्जरा हूँ, निर्भरा हूँ.तार हर पातक, तरा हूँ.....
 पोस्ट लेवल : कौन हूँ मैं kaun hoon main
PRABHAT KUMAR
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फेसबुकहा दोस्तों, आज आपको फिर एक पोस्ट रागिनी के नाम की पढ़ा रहा हूँ। ताकि ये समझने का सिलसिला चलता रहे कि आखिर रागिनी है कौन ?प्रिय रागिनी,आजकल हर घर में आशिकों की जमात उभर आयी है, जैसे अपने गाँव के बीच खुदे सरोवर में जलकुंभी उग आते है। नहीं पता था कि हम यानि मैं औ...
 पोस्ट लेवल : कविता रागिनी है कौन ?
ज्योति  देहलीवाल
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सामान्यत: हमारी यही धारणा रहती है कि जो व्यक्ति कम से कम ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट हो वह पढ़ा-लिख़ा होता है। परंतु हाल ही में हुई दो-तीन घटनाओं ने मुझे यह सोचने पर विवश कर दिया कि सहीं मायने में पढ़ा-लिख़ा कौन है? मुझे लगता है कि “डिग्री” पढ़ा-लिख़ा होने का एकमात्र आधार...