भुरभुरी भूमि पर उगे किरदार-से कँटीले कैक्टसनिर्जन परिवेश पर उकताकर कुंठित नहीं होतेये भी सजा लेते हैं अपने तन पर काँटों संग फूल   सुदूर पर्वतांचल में एक मोहक महक से महकती स्वागतातुर वादी  रंग-विरंगे सुकोमल सुमन...