ब्लॉगसेतु

विजय राजबली माथुर
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  बटुकेश्वर दत्त: एक क्रांतिकारी की दर्दनाक कहानी, जिन्हें आजाद भारत में न नौकरी मिली न ईलाज!NOVEMBER 18, 2019, 11:42 AM ISTBatukeshwar Dutt Birth Anniversary: देश की आजादी के लिए कालापानी सहित करीब 15 साल तक जेल की सजा काटने वाले क्रांतिकारी बटुकेश्...
शिवम् मिश्रा
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बटुकेश्वर दत्त का जन्म 18 नवम्बर, 1910 को बंगाली कायस्थ परिवार में ग्राम-औरी, जिला-नानी बेदवान (बंगाल) में हुआ था। इनका बचपन अपने जन्म स्थान के अतिरिक्त बंगाल प्रांत के वर्धमान जिला अंतर्गत खण्डा और मौसु में बीता। इनकी स्नातक स्तरीय शिक्षा पी.पी.एन. कॉलेज कानप...
PRAVEEN GUPTA
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सेठ रामदास जी गुड़वाला दिल्ली के अरबपति सेठ और बैंकर थे और अंतिम मुग़ल बादशाह बहादुर शाह जफर के गहरे दोस्त थे। इनका जन्म #अग्रवाल परिवार में हुआ था। इनके परिवार ने दिल्ली क्लॉथ मिल्स की स्थापना की थी। उस समय मुग़ल दरबार की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय थी। अधिकांश मुग़ल सरद...
शिवम् मिश्रा
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आज १३ जुलाई है...आज ही के दिन सन १९२९ को लाहौर जेल में, क्रान्तिकारियों के साथ राजबन्दियों के समान व्यवहार न होने के कारण, क्रान्तिकारियों ने अनशन आरम्भ कर दिया था| जोकि ६३ दिनों तक जारी रहा और इस दौरान जतिन दास की मौत के सदमे ने पूरे भारत को हिला दिया...
शिवम् मिश्रा
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भगवती चरण वोहरा का जन्म 4 जुलाई 1903 में आगरा में हुआ था। उनके पिता शिव चरण वोहरा रेलवे के एक उच्च अधिकारी थे। बाद में वे आगरा से लाहौर चले आये। उनका परिवार आर्थिक रूप से सम्पन्न था। भगवती चरण की शिक्षा-दीक्षा लाहौर में हुई। उनका विवाह भी कम उम्र में कर दिया...
शिवम् मिश्रा
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 युवा क्रांतिकारी व देशप्रेमी श्री बसंत कुमार बिस्वास (6 फ़रवरी 1895 - 11 मई 1915) बंगाल के प्रमुख क्रांतिकारी संगठन " युगांतर " के सदस्य थे। उन्होंने अपनी जान पर खेल कर वायसराय लोर्ड होर्डिंग पर बम फेंका था और इस के फलस्वरूप उन्होंने 20 वर्ष की अल्पायु में...
Lokendra Singh
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अमृतसर के जालियांवाला बाग में 13 अप्रैल, 1919 को सैकड़ों निहत्थे लोगों की हत्या ब्रिटिश उपनिवेशवाद के क्रूरतम अपराधों में से एक है। उस दिन बैसाखी थी। स्वर्ण मंदिर के पास ही स्थित जलियांवाला बाग में करीब 20 हजार लोग जमा थे। यहाँ अपने नेताओं की गिरफ्तारी और रोलेट एक्...
Saransh Sagar
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सत्य है ! सत्य है ! सत्य है !बोलो सत्य है ! सत्य है ! सत्य है !1) हाँ ये भीड़ में जो है नेता ! और बाते है इनके गंदेहाँ बन जा क्रांतिकारी और बंद कर दे तू इनके धंधे !!बंदे इनके है आगे पीछे जो खुद कभी कुछ बन न पायेबाते है इनकी झूठी और चाटुकारिता ये करते जाये !!बस झूठे...
शिवम् मिश्रा
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"…व्यक्तियो को कुचल कर , वे विचारों को नहीं मार सकते।"- शहीद ए आज़म सरदार भगत सिंह जी  ८८ वें बलिदान दिवस पर अमर शहीद सरदार भगत सिंह जी , सुखदेव जी और राजगुरु जी को शत शत नमन ! इंकलाब ज़िंदाबाद !!
विजय राजबली माथुर
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  ~विजय राजबली माथुर ©