ब्लॉगसेतु

Sanjay  Grover
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ग़ज़लकोई पत्ता हरा-सा ढूंढ लियातेरे घर का पता-सा ढूंढ लियाजब भी रफ़्तार में ख़ुद को खोयाथोड़ा रुकके, ज़रा-सा ढूंढ लियाउसमें दिन-रात उड़ता रहता हूंजो ख़्याल आसमां-सा ढूंढ लियाशहर में आके हमको ऐसा लगादश्त का रास्ता-सा ढूंढ लियातेरी आंखों में ख़ुदको खोया मगरशख़्स इक लापता-सा...
Sanjay  Grover
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इस फ़िल्म के बारे में आवश्यक जानकारियां आप इन दो लिंक्स् पर क्लिक करके देख सकते हैं -  1, IMDb  2. Wikipedia12-03-2016कांजीलाल मेहता नास्तिक है और चोर बाज़ार में मूर्तियों की दुकान चलाता है। धंधे के लिए झूठ भी बोलता है, बेईमानी भी करता है। बेटे चिंटू को ‘मट...
Sanjay  Grover
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4.17 मिनट का यह वीडियो है। फ़ेसबुक पर कुछ लोगों ने इस सलाह के साथ लगाया कि इसे देखकर आपकी आंखें खुल जाएंगी। मैंने, देखा तो मुझे इसमें कोई ख़ास या नई बात नज़र नहीं आई। मैंने पूरा वीडियो ढूंढने की कोशिश की, क़रीब आधा घंटा लगाया, नहीं मिला। एक अन्य वीडियो मिला जो तकरीबन...
Kailash Sharma
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आये बड़ी उम्मीद से, ख़ुदा खैर करे, तेरे दर मौत मिली, ख़ुदा खैर करे.दिल दहल जाता है देख कर मंज़र,       क्या गुज़री उन पर, ख़ुदा खैर करे.उभर आती मुसीबत में असली सीरत,लूटते हैं लाशों को भी, ख़ुदा खैर करे.मुसीबतज़दा को कभी हाथ बढ़ा करते थ...
विनय प्रजापति
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शायिर: अमीर अशरफ़ ख़ाँ 'हसरत' (खतौली)सरमाया-ए-हयात1 मुझे कुछ मिला तो हैमहफूज़ मुफ़लिसी में भी मेरी अना2 तो हैहमदर्द बनके आना अचानक मेरे क़रीबदर पर्दा इस ख़ुलूस3 में कोई दग़ा तो हैदुश्मन है सारा शहर तो इसका नहीं मलाल4मेरी मदद के वास्ते मेरा ख़ुदा तो हैहमदर्दियाँ नहीं तो...