ब्लॉगसेतु

विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं )  संकलन-विजय माथुर, फौर्मैटिंग-यशवन्त यश
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 खुशी चलो आज  मिलकर खेलेंगे खेल को खेल के जैसे खुशी  ये मिल नहीं सकती लूटा कर जेब के पैसेआपस में मिलजुलकरकरना बच्चों सारे खेलतकरार...
E & E Group
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आज की भागती दौड़ती ज़िन्दगी में खुश रहना सब लोग &#2...
 पोस्ट लेवल : खुशी खुश Life health Medical ज़िन्दगी
rishabh shukla
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इत्ती सी खुशीअचानक दरवाजे पर किसी ने दस्तक दी, रुची ने जाकर दरवाज़ा खोला तो स्तब्ध रह गयी| लेकिन यह क्या, ये तो वही व्यक्ती है जिनसे रुची कल मिली थी| इससे पहले की वो कुछ कह पाते की रुची बोल पड़ी - "मैने क्या किया साहब? मुझे आपका बटुआ रास्ते पर पड़ा मिला था| मै...
विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं ) संकलन-विजय माथुर, फौर्मैटिंग-यशवन्त यश
 पोस्ट लेवल : खुशी मदद उम्मीद
Khushdeep Sehgal
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सफलता = खुशीअधिकतर लोग ऐसा ही समझते हैं...लेकिन वो ग़लत हैं...विज्ञान हमें बताता है कि सही इसका उलट है...यानिखुशी =  सफलतासफलता आपके हाथ में नहीं होती...पूरे प्रयास करने के बाद ये आपको मिल सकती है और नहीं भी मिल सकती...लेकिन खुशी आपके हाथ में होती है...बस आस-प...
ज्योति  देहलीवाल
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शीर्षक पढ़ कर शायद आप सोच रहे होंगे कि किसी को 'क्षमा' करके हम खुद कैसे 'खुश' रह सकते हैं? ‘खुश’ तो वो रहेगा जिसे 'क्षमादान' मिला हैं! नहीं दोस्तों... यहीं पर हम गलती कर बैठते हैं। हमें ग़लतफ़हमी हो जाती हैं कि यदि हमने बदला नहीं लिया तो यह दु:ख और क्रोध की भावना हम...
अरुण कुमार निगम
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गजल : खुशी  बाँटने की  कला  चाहता हूँन पूछें मुझे आप  क्या  चाहता हूँ खुशी  बाँटने की  कला  चाहता हूँ |गज़ल यूँ लिखूँ लोग गम भूल जायें ये समझो सभी का भला चाहता हूँ |बिना कुछ पिये झूमता ही रहे दिल  पुन: गीत...
जन्मेजय तिवारी
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                  वह जैसे ही ढाबों के सामने पहुँचा, ढाबे वाले उस पर टूट पड़े । उसे लगा कि उसकी खुशी के भी फूट पड़ने का यही वक्त है । क्यों न लपककर दोनों हाथों से इस वक्त को ही लूट लूँ । वह लूटने के लिए थोड़ा और...
जन्मेजय तिवारी
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                    नए साहब के आने से पहले ही उनके बारे में सच्ची और अच्छी खबरें आने लगी थीं । जितनी खुशी थी, उससे अधिक हैरानी थी लोगों के मन में । कौतूहल चरम पर था कि आज के जमाने में भी ऐसे लोग धरती की शो...