ब्लॉगसेतु

मुकेश कुमार
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हो बेहद खूबसूरतइतना ही तो कहा थाकि बोल उठीलजाती भोर सीहल्की गुलाबी स्नेहिल प्रकाश के साथरंग बिखेरती हुई- ब्यूटी लाइज इन द आइज ऑफ द बीहोल्डरतत्क्षणआंखों की पुतलियों संगछमकते प्रदीप्त काली चकमक संगमरमर सीकोर्निया और रेटिना के मध्यलहरा उठा सारा संसारकहाँ तक निहारूं ?ह...
सुनील  सजल
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व्यंग्य – खूबसूरती के पुजारी खूबसूरती हर किसी को फ़िदा कर देती है | खूबसूरती के दीवानों से उनकी दीवानगी पुछिए| ऐसे खिल उठाते हैं जैसे ताल में कमल | बदन में गुदगुदी , ‘ होठों पर मुस्कान से लबरेज होकर अतिश्योक्ति पूर्ण बखान करते हैं | यदि खूबसूरती के फ्रेम में प्रेमिक...
Anju choudhary(anu)
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 क्या कसूर ऐसी बच्चियों का कितनी अजीब बात है ना ...एक लड़की पैदा होती है ..उसे स्कूल में शिक्षा जैसी भी मिली हो पर उसे शादी के बाद  अपने ससुराल में तालमेल कैसे  बिठान है,समाज में कैसे बर्ताब करना है ...बाहर निकल कर लड़को से कैसे बात करनी है ...उनसे कित...