ब्लॉगसेतु

sahitya shilpi
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आज हमारे लिए बड़े सौभाग्य की बात है की हमें हर साल 26 जनवरी को गणतन्त्र  दिवस मनाने का मौका मिलता है| हर साल की तरह इस साल भी सभी को इस दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाए व इस दिवस पर पेश है मेरे नई बाल कविता "मेरे सपनों का भारत "    मेरे सपनों...
यशवन्त  माथुर
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जो जाना जाता था किसान के हल से अपने सुनहरे कल से जिसके खेतों में फसलें झूम-झूम कर हवा से ताल मिलाती थीं पत्ती-पत्ती फूलों से दिल का हाल सुनाती थी जहाँ संपन्नता तो नहीं संतुष्टि की खुशहाली थी महंगी विलासिता तो नहीं&n...
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--दशकों से गणतन्त्र दिवस पर, राग यही दुहराया है।होगा भ्रष्टाचार दूर, बस मन में यही समाया है।।--सिसक रहा जनतन्त्र हमारा, चलन घूस का जिन्दा है,देख दशा आजादी की, बलिदानी भी शर्मिन्दा हैं,रामराज के सपने देखे, रक्षराज ही पाया है।होगा भ्रष्टाचार...
 पोस्ट लेवल : गीत गणतन्त्र दिवस
अनीता सैनी
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मिट्टी हिंद की सहर्ष  बोल उठी, मिटी नहीं कहानी उनकी छायाएँ-मिटी हैं, बन पड़े फिर ठण्डी रेत पर साये कई,  साँसें जिन्होंने आज़ादी के लिये गँवायीं थींकुछ प्रतिबिम्ब दौड़े पानी की सतह पर आये,कुछ तैर न पाये तलहटी में समाये,कुछ यादें ज़ेहन में सोयीं थीं क...
विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं )  ( सेवा नियमावली के कारण भले ही वर्तमान अधिकारी अपने - अपने फेसबुक पोस्ट्स डिलीट करके माफी मांग लें किन्तु रिटायर्ड  IG साहब ने तो सच्चा...
Kavita Rawat
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हम भाँति-भाँति के पंछी हैं पर बाग़ तो एक हमारा हैवो बाग़ है हिन्दोस्तान हमें जो प्राणों से भी प्यारा हैहम  हम भाँति-भाँति के पंछी ………………………बाग़ वही है बाग़ जिसमें तरह-तरह की कलियाँ होंकहीं पे रस्ते चंपा के हों कहीं गुलाबी गलियाँ होंकोई पहेली कहीं नहीं है, सीधा साफ़...