ब्लॉगसेतु

रवीन्द्र  सिंह  यादव
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तिमिर भय नेबढ़ाया हैउजास से लगाव,ज्ञानज्योति नेचेतना से जोड़ातमस कास्वरूपबोध और चाव।घुप्प अँधकार मेंअमुक-अमुक वस्तुएँपहचानने का हुनर,पहाड़-पर्वतकुआँ-खाईनदी-नालेअँधेरे में होते किधर?कैसी साध्य-असाध्यधारणा है अँधेरा,अहम अनिवार्यता भी हैसृष्टि में अँधेरा।कृष्णपक्ष कीविकट...
रवीन्द्र  सिंह  यादव
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उस दिन बिटिया नाराज़ हुई थी तब चौथी कक्षा में पढ़ती थी भूगोल की परीक्षा में नक़्शा बनाने के भी नम्बर थे नक़्शे बनाते-बनाते उसे गुस्सा आया मेरे पास आयी हाथ में थे कई काग़ज़ जिन पर बने थे कई नक़्शे लेकिन नहीं थे बनाने जैसे&n...