ब्लॉगसेतु

विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं )  संकलन-विजय माथुर, फौर्मैटिंग-यशवन्त यश
विजय राजबली माथुर
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विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं )कनुप्रिया8 hrs ( 26-07-2019 ) संघर्ष से प्राप्त RTI का संशोधन बिल राज्यसभा में भी पास हो गया.दरअसल बरसो की ग़ुलामी से आप छुटकारा भी पा लें तब भ...
विजय राजबली माथुर
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अनिल सिन्हालखनऊ का लोहिया पार्क : मूर्तियों और प्रतीकों तक सिमट गई है विचारधारादेश के अधिकतर राजनीतिक दलों ने अपने आदर्श छोड़कर पूंजीवाद के आगे घुटने टेक दिए हैंविचारधाराओं की वापसी से ही बचेगा लोकतंत्र : जातियों के कई राजनीतिक समूह अब बड़ी संख्या में उस बीजेपी...
विजय राजबली माथुर
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विजय राजबली माथुर
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  http://epaper.navbharattimes.com/details/7110-77163-1.htmlअनिल सिन्हा साहब के निष्कर्ष बताते हैं कि राहुल गांधी 1991 से प्रचलित उदारीकरण की नीति के विपरीत किसानों और गरीबों के प्रति हमदर्दी के साथ चलना चाहते हैं। यदि वास्तव में राहुल इसी नीति पर चलेंगे...
Roli Dixit
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खुशबुएँ सिधारींहेराई गयी मिटियारोई के आंख मूंदेछज्जे बैठी बिटियादिया-बाती तेल नाइना खावे को रोटियाउल्लू लक्ष्मी लै उड़े, पूजेसालिगराम की बटियाकपड़ा ना बताशा-खीलकहाँ मिले खुटियागरिबिया से नेह बढ़िअंसुवन से पिरितियाबस सपना मा रहि गईंदेवारी की बतिया...
Roli Dixit
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'बापू सहर जात हौ पेड़ा लेत आयो' कलुआ की बात सुनते ही नन्हकू ने खाली जेब में हाथ डाला।'सुनत हौ बप्पा की खांसी गढ़ाई रही न होते कौनो सीसी लाय देते सहर ते...इत्ते दिन ते परे-परे खाँसत हैं..करेजा हौंक जात है..''हम सहर बिरवा हलावे नाइ जाइ रहेन..देखी जाय डॉकटर अम्मा का कब...
 पोस्ट लेवल : कहानी लघुकथा गरीबी
विजय राजबली माथुर
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Malvika Hariom 21-06-2018 जिस देश में शिक्षा का स्तर इतना अद्भुत हो कि धर्म के नाम पर आसानी से, फिर चाहे वो हिन्दू हो या मुसलमान, एक-दूसरे को जान से मारा जा सकता हो, जहाँ अभिभावक इतने समझदार हों कि अपने ही बच्चों के स्कूल के सामने, बड़ी-बड़ी गाड़ियों में सवा...
Kavita Rawat
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