ब्लॉगसेतु

Kajal Kumar
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 पोस्ट लेवल : गर्मी heat heatwave
विजय राजबली माथुर
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 पोस्ट लेवल : गर्मी लू मोजा परहेज
sanjiv verma salil
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दोहे गरमागरम :*जेठ जेठ में हो रहे, गर्मी से बदहालजेठी की हेठी हुई, थक हो रहीं निढाल*चढ़ा करेला नीम पर, लू पर धूप सवारजान निकाले ले रही, उमस हुई हथियार*चुआ पसीना तर-बतर, हलाकान हैं लोगपोंछे टेसू हवा से, तनिक न करता सोग*नीम-डाल में डाल दे, झूला ठंडी छाँवपकी निम्बोली च...
 पोस्ट लेवल : दोहे गर्मी के doha garmi
sanjiv verma salil
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नव गीत: झुलस रहा गाँव..... ...*झुलस रहा गाँवघाम में झुलस रहा...*राजनीति बैर की उगा रही फसल.मेहनती युवाओं की खो गयी नसल..माटी मोल बिक रहा बजार में असल.शान से सजा माल में नक़ल..गाँव शहर से कहोकहाँ अलग रहा?झुलस रहा गाँवघाम में झुलस रहा...*एक दूसरे की लगे जेब काटने.रेवड...
Kajal Kumar
17
shashi purwar
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धूप आँगन में खड़ी है लग रही कितनी अकेली हो रही है नींव जर्जर धूर में लिपटी हवेली शहर की तीखी चुभन में नेह का आँगन नहीं है गूँजती किलकारियों का फूल सा बचपन नहीं है शुष्क होते पात सारे बन रहें है इक पहेली धूप आँगन में खड़ी है लग रही कितनी अकेली छोड़ आये गॉँव म...
 पोस्ट लेवल : नवगीत गर्मी गीत माँ
जेन्नी  शबनम
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धरा बनी अलाव  (गर्मी के 10 हाइकु)  *******  1.  दोषी है कौन?  धरा बनी अलाव,  हमारा कर्म!  2.  आग उगल  रवि गर्व से बोला -  सब झुलसो!  3.  रोते थे वृक्ष -  'मत काटो हमको',  अब भुगतो!  4. &nbsp...
 पोस्ट लेवल : गर्मी हाइकु
विजय राजबली माथुर
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विजय राजबली माथुर
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 पोस्ट लेवल : गर्मी साइनस साफ सफाई
sanjiv verma salil
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एक रचनाधरती की छाती पै होरारओ रे सूरज भून।*दरक रे मैदान-खेत सबमुरझा रए खलिहान।माँगे सीतल पेय भिखारीले न रुपया दान।संझा ने अधरों पे बहिनालगा रखो है खून।धरती की छाती पै होरारओ रे सूरज भून।*धोंय, निचोरें सूखें कपरापहने गीले होंय।चलत-चलत कूलर हीटर भओपंखें चल-थक रोंय। आ...