ब्लॉगसेतु

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पथ पर आगे बढ़ते-बढ़ते, पाषाणों से प्यार हो गयाजीवन का दुख-दर्द हमारे, जीने का आधार हो गया--पत्थर का सम्मान करो तो, देवदिव्य वो बन जायेगापर्वतमालाओं में उपजा, धरती का अवतार हो गया--प्राण बिना तन होता सबका, केवल माटी का पुतला हैजीव आत्मा के आने से, श्वाँसों का संचार...
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--कहना है ये दरबारों से  पेट नहीं भरता नारों से --सूरज-चन्दा में उजास हैकाम नहीं चलता तारों से--आम आदमी ऊब गया हैआज दोगले किरदारों से--दरिया पार नहीं होता हैटूटी-फूटी पतवारों से--कोरोना की बीमारी मेंरौनक गायब बाजारों से--ईँधन पर महँगाई क्यों हैलोग पूछते सरक...
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उम्र की अब मेजबानी हो गयीसुर्ख काया जाफरानी हो गयीसोच अब अपनी सयानी हो गयीचदरिया अब तो पुरानी हो गयीज़िन्दग़ी की मेहरबानी हो गयीइश्क की पूरी कहानी हो गयीझुर्रियाँ पड़ने लगीं अब जिस्म मेंखून की मद्धम रवानी हो गयीअब नहीं कुछ 'रूप' के ज़लवे रहेखत्म अब सारी जवानी हो गय...
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जीवन की हकीकत का, इतना सा है फसानातब तक जहाँ में रहना, जब तक है आबोदानासुख के सभी हैं साथी, दुख का कोई न संगीहोते हैं गमजदा जब, हँसता है तब जमानाघर की तलाश में जो, दर-दर भटक रहे हैंखानाबदोश को तो, मिलता नहीं ठिकानाअपना नहीं बनाया, रहने को आशियानालेकिन लगा रहा है, व...
 पोस्ट लेवल : खाली हुआ खजाना ग़ज़ल
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--हमारे देश में मजदूर की, किस्मत हुई खोटीमयस्सर है नहीं ढंग से, उन्हें दो जून की रोटी--दलाली में लगे हैं आज, अपने देश के सेवकबगावत भी करे कैसे, वहाँ दो जून की रोटी--करे क्या झोंपड़ी फरियाद, महलों की मिनारों सेहमेशा ही रही कंगाल, है दो जून की रोटी--जो ढोते ईंट भट्टे...
 पोस्ट लेवल : ग़ज़ल दो जून की रोटी
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--मदहोश निगाहें हैं, खामोश तराना हैमासूम परिन्दों को, अब नीड़ बनाना है--सूखे हुए शजरों ने, पायें हैं नये पत्तेबुझती हुई शम्मा को, महफिल में जलाना है--कुछ करके दिखाने का, अरमान हैं दिलों मेंउजड़ी हुई दुनिया को, अब फिर से बसाना है--...
Ravindra Prabhat
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।। ग़ज़ल।।- रवीन्द्र प्रभातगमजदा है माहौल बहुत आहट बनाए रक्खो।बच्चों के लिए अपनी मुस्कुराहट बनाए रक्खो।भूख से लड़कर हम जी लेंगे कुछ दिन जरूर - मगर ए दोस्त तिश्नगी की तरावट बनाए रक्खो।स्याह अंधेरों में उम्मीदों की सुबह ढूढों मगर- इन अंधेरों के खिलाफ बगावत...
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दयानन्द पाण्डेय
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 पोस्ट लेवल : ग़ज़ल
रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : ग़ज़लें
रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : कविता ग़ज़लें