ब्लॉगसेतु

अनंत विजय
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पिछले दिनों दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में एक पुस्तक चर्चा के दौरान बेहद दिलचस्प बातें हुई। पुस्तक थी लेखक इकबाल रिजवी की गांधी और सिने संसार। इस पुस्तक में लेखक ने मोहनदास करमचंद गांधी और फिल्मों के रिश्तों पर रोचक तरीके से लिखा है। इस पुस्तक का प...
 पोस्ट लेवल : गांधी नेहरू महबूब खान
Kajal Kumar
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विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं ) गांधी की मूर्ति पर फूल और विचारों पर धूलतमाशासिटीनवीन जोशीजमाना हुआ, गांधी-स्मरण एक रस्म अदायगी से ज्यादा कुछ नहीं रह गया। सच्चाई, सादगी, क्षमा, अ...
Kajal Kumar
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 पोस्ट लेवल : महात्‍मा mahatma गांधी gandhi
Asha News
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महात्मा गांधी एक मोमबत्ती की तरह थे, जिन्होंने पूरे संसार को किया रोशन - डाॅ. एससी जैनझाबुआ। शासकीय महाविद्यालय झाबुआ में देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का 150वीं जयंती वर्ष मनाया गया। जिसमें ’सत्य के प्रयोग’, गांधीजी की आत्मकथा के गद्यांध निर्बल के बलराम, धर्म क...
Asha News
89
गांधी प्रतिमा पर सूत की माला से सांसद ने किया बापू को नमनझाबुआ। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 जन्म जयंती के अवसर पर सांसद गुमानसिंह डामोर द्वारा बस स्टेंड स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर सूत की माला अर्पित करके उन्हे श्रद्धासुमन अर्पित किये गये । प्रधानमंत्री...
 पोस्ट लेवल : भाजपा महात्मा गांधी
विजय राजबली माथुर
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वसुंधरा फाउंडेशन के तत्वाधान में गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर दिनांक 01 अक्तूबर 2019 की साँय राष्ट्रीय पुस्तक मेला सभागार, मोतीमहल, लखनऊ   में   एक विचार गोष्ठी "सुराज,स्वदेशी और महात्मा गांधी'' विषय पर राम किशोर जी की अध्यक्षता में सम्पन्न हु...
अनंत विजय
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हिंदी फिल्म के सौ वर्षों से अधिक लंबे इतिहास पर अगर हम नजर डालते हैं तो पाते हैं कि किसी भी हिन्दुस्तानी ने उनपर कोई मुकम्मल फिल्म नहीं बनाई। उनके व्यक्तित्व के हिस्सों, उनके जीवन से जुड़ी घटनाओं और उनके बेटों के साथ संबंधों पर तो फिल्म बनी लेकिन गांधी को केंद्र मे...
sanjay krishna
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आज यहां हम ऐसी ही किताब की चर्चा करने जा रहे हैं, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को पता है। यह किताब, जो आपके हाथों में सौ साल बाद दुबारा प्रकाशित हो रही है। पुस्तक का नाम है-'सत्याग्रही महात्मा गान्धी अर्थात् मोहनदास कर्मचन्द गांधीÓ। लेखक हैं भवानी दयाल। लेखक तब...
अनंत विजय
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हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर दैनिक जागरण के आयोजन में एक सत्र का विषय था, गांधी और हिंदी। इस सत्र में वक्ताओं ने गांधी के हिंदी प्रेम को रेखांकित किया। इस चर्चा में एक बात सामने आई कि गांधी हिंदी को राष्ट्रभाषा के तौर पर स्थापित करना चाहते थे। दरअसल गांधी शुरुआत म...