लगे रहो मुन्‍ना भाई फिल्‍म 2006 में आई थी। उसके बाद गांधीवाद को गांधीगिरी नाम मिला और उछाल में भी रहा। यह भी लगा कि सामाजिक आंदोलनों की शुरुआत फिल्‍मों से भी हो सकती है। लेकिन जल्‍दी ही इस अवधारणा की हवा निकल गई। 12 साल बाद इस समीक्षा पर नजर डाली जाए...