ब्लॉगसेतु

sanjiv verma salil
6
ॐपुरोवाकलवाही : नवगीत की नई फसल की उगाही आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल' * नवगीत मानवीय अनुभूतियों की जमीन से जुड़ी शब्दावली में काव्यात्मक अभिव्यक्ति है। अनुभूति किसी युग विशेष में सीमित नहीं होती। यह अनादि और अनंत है। मानवेतर जीव इसकी अभिव्यक्ति...
sanjiv verma salil
6
एक रचना*रक्तबीज था हुआ कभी जोलौट आया है।राक्षस ने कोरोना कानाम पाया है।गिरेगी विष बूँदजिस भी सतह परउसे छूकर मनुज जोआगे बढ़ेगाउसीको माध्यम बनाकरयह चढ़ेगाबढ़ा तन का तापदेगा पीर थोड़ीकिन्तु लेगा रोक श्वासाआस छोड़ीअंतत: स्वर्गीय होचाहे न भाया है।सीख दुर्गा माई सेहम भी...
 पोस्ट लेवल : कोरोना गीत
अनीता सैनी
28
पतित हुआ लोगों का चेहरा, देश नहीं पहले-सा मेरा।-- सुखद नहीं पेड़ों की छाया,  सबके मन में माया-माया,लालच ने सबको है घेरा, देश नहीं पहले-सा मेरा।मन में बहुत निराशा भरतेओछे यहाँ विचार विचरते उजड़ रहा खुशियों का डेरा।देश नहीं पहले-सा मेरा।...
अनीता सैनी
28
जलती देह नारी की विधाता,  क्रूर  निर्मम प्राणी  रचाया । क्रोध द्वेष दंभ हृदय में इसके, क्यों अगन तिक्त भार बढ़ाया ।सृजन नारी का सृजित किया है, ममत्त्व वसुधा पर लावन को।दुष्ट अधर्मी मानव जो पापी,आकुलता सिद्धी पावन को।भद्र भाव का करत...
ऋता शेखर 'मधु'
118
अवतरण दिवस है राम काध्वजा उठी हनुमान कीवाल्मीकि ने कथा कहीजग में भक्तों के मान कीकठिन थे दिन वनवास केसघन खिंची थी लक्षमण रेखासरल सिया न समझ सकीपूर्वनियोजित विधि का लेखायाचक को लौटा न सकीसोच बढ़ी थी स्वाभिमान कीहरी गई सिय लोप हुईबिलख पड़े रघुनंदन भाईजाने कौन दिशा मे...
 पोस्ट लेवल : कविता गीत सभी रचनाएँ
3
--माता का सम्मान करो,जय माता की कहने वालों।भूतकाल को याद करो,नवयुग में रहने वालों।।--झाड़ और झंखाड़ हटाकर, राह बनाना सीखो,ऊबड़-खाबड़ धरती में भी, फसल उगाना सीखो,गंगा में स्नान करो,कीचड़ में रहने वालों।भूतकाल को याद करो,नवयुग में रहने वालों।।--बेटों के जैसा ही, बेटी...
jaikrishnarai tushar
231
चित्र -साभार गूगल एक गीत -मेरे इन गीतों में रंग नहीं मेरा है मेरे इन गीतों में रंग नहीं मेरा है |मुझसे लिखवाता जो कौन वह चितेरा है ?फूलों से गन्ध मिली मन लिए हवाओं से ,सारा  श्रृंगार मिला रूपसी कथाओं से सुबहों का उजियारा&nbsp...
220
रोग अगर दिखलाई दे तो,कभी न करना जादू-टोना।अपने पैर पसार चुका है,पूरी दुनिया में कोरोना।।बाहर नहीं निकलना घर से,घर में पूरा समय बिताओ।हर घंटे हाथों को धोओ,साफ-सफाई को अपनाओ।अपनी पुस्तक को दोहराओ,यह अनमोल समय मत खोना।अपने पैर पसार चुका है,पूरी दुनिया में कोरोना।...
अभिलाषा चौहान
190
..............................
 पोस्ट लेवल : नवगीत
sanjiv verma salil
6
गीत भक्तों से सावधान*जो दुश्मन देश के, निश्चय ही हारेंगेदिख रहे विरोधी जो वे भी ना मारेंगेजो तटस्थ-गुरुजन हैं, वे ही तो तारेंगेमुट्ठी में कब किसके, बँधता है आसमानभक्तों से सावधान*देशभक्ति नारा है, आडंबर प्यारा हैसेना का शौर्य भी स्वार्थों पर वारा हैमनमानी व्या...
 पोस्ट लेवल : गीत भक्तों से सावधान