ब्लॉगसेतु

ललित शर्मा
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पनघट मैं जाऊं कैसे, छेड़े मोहे कान्हा पानी      नहीं    है,    जरुरी   है   लानाबहुत   हुआ  मुस्किल, घरों  से  निकलना पानी  भरी  गगरी को,सर पे रख के चलनाफोडे  ना&nbsp...
ललित शर्मा
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भेजा   है  क्यों भगवन तुने मुझको     इस    संसार   में हाथ  जोड़  विनती  करता हूँ खडा      तेरे     दरबार     में लक्ष्य कहाँ  है मेरा प्रभु...
ललित शर्मा
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प्रभु जी मन अंधकार हरो कर दो जगमग अंतर मन  को,करुणा दीप धरोमैं  प्राणी   माया   बंधन  में,  बंधा   रहा   हमेशामतवालों   की   इस   नगरी  में, दूर करो कलेशातेरी   करु...
ललित शर्मा
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प्रभु जी मन में अमन कर दो इस जीवन  में  लगन  भर  दो  राह   ऐसी   दिखाओ  प्रभु,  दुखियों  की  सेवा  होनिर्बल को बल मिल जाये तेरे  प्रेम  की  मेवा  हो हम रहें समीप तुम्हारे...
ललित शर्मा
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फूलों  से  हो लो  तुम,जीवन   में  सुंगध   भर  लोमहकाओ तन-मन सारा भावों को विमल कर लोफूलों से हो लो तुम ........................................वो मालिक सबका हैं ,जिस माली का हैं ये चमनवो  रहता  सबमे  हैं&n...
अविनाश वाचस्पति
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स्मृति गीत-पितृव्य हमारे नहीं रहे.... आचार्य संजीव 'सलिल'*वे आसमान की छाया थे.वे बरगद सी दृढ़ काया थे.थे-पूर्वजन्म के पुण्य फलित वे,अनुशासन मन भाया थे.नवस्वार्थवृत्ति लख लगता है भवितव्य हमारे नहीं रहे.पितृव्य हमारे नहीं रहे....*वे हर को नर का वन्दन थे.वे ऊर्जामय स्...
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
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  किताबों की खुसर-फुसर... भाग-४ “...स्टॉल में रखी किताबें एकदम अकेली हैं। उनका अकेलापन अस्तित्ववादी नयी कविता और नयी कहानी के अकेलेपन से ज्यादा बड़ा सच है और भयावह है। दूर-दूर तक कोई नहीं दिखता। दिखते हैं तो ऊँघते प्रकाशक और उनके कर्मचारी। लोग उनतक नहीं पह...
girish billore
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सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
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सम्बन्धित पिछली कड़िया- किताबों की खुसर-फुसर भाग-१ किताबों की खुसर-फुसर एक क्षेपक किताबों की खुसर-फुसर एक और क्षेपक किताबों की खुसर-फुसर भाग-२ पिछले साल मैने एक अत्यन्त प्रतिष्ठित संस्था के एक समृद्ध पुस्तकालय में जाकर वहाँ मौजूद किताबों की जो खु...
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
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  भारतीय सनातन परम्परा में किसी भी मांगलिक कार्य का प्रारम्भ भगवान गणपति के पूजन से एवं उस कार्य की पूर्णता भगवान सत्यनारायण की कथा के श्रवण से समझी जाती है। स्कन्दपुराण के रेवाखण्ड से इस कथा का  प्रचलित रूप लिया गया है। लेकिन भविष्यपुराण के प्रतिसर्ग प...