ब्लॉगसेतु

jaikrishnarai tushar
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कवि -डॉ० प्रेम शंकर e-mail-pshanker98@gmail.commob.no.09410061985डॉ० प्रेम शंकर [कवि /लेखक ]कार्यकारी पूर्णकालीन अध्यक्ष उ० प्र० हिन्दी संस्थान -लखनऊ परिचय -वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के कार्यकारी पूर्ण कालीन अध्यक्ष के पद को सुशोभित कर र...
विजय राजबली माथुर
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गोविंद बिहारी मौसा जी (बउआ की फुफेरी बहन रानी मौसी के पति) जो कमलेश बाबू के चाचा के मित्र होने के कारण उनके चाचा भी हुये अपनी भतीजी की शादी शरद मोहन,पार्सल बाबू से करवाना चाहते थे। वह और मौसी स्कूटर पर बैठ कर टूंडला भी गए थे। परंतु शरद की माता जी ने उन दोनों को हमा...
ललित शर्मा
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आप सबों को संगीता पुरी का नमस्‍कार , वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य में लगातार गिरावट देखी जा रही है। अर्थशास्त्रियों और कारोबारियों का कहना है कि डॉलर के मुकाबले रुपया अपने न्यूनतम स्तर के करीब पहुंच गया है और यूरो क्षेत्र में...
jaikrishnarai tushar
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कवि -शतदल सम्पर्क -e-mail-rshatdal@gmail.comराम प्रकाश शुक्ल शतदल का काव्य संसार हिन्दी गीत /नवगीत विधा के सौम्य और सरस कवि शतदल नवगीत के बहुत ही  लोकप्रिय कवि हैं | शतदल जी का पूरा नाम राम प्रकाश शुक्ल है जो सरकारी कामकाज तक ही सीमित है |हिन्दी के इ...
 पोस्ट लेवल : नवगीत /परिचय/शतदल
विजय राजबली माथुर
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इसी प्रकार एक बार शाम के समय दुकान से लौटते मे सिटी स्टेशन गए थे चूंकि काफी दिनों से वहाँ की कोई खबर नहीं थी। तब मोबाईल/फोन नहीं थे। शालिनी अक्सर सुबह ही कह देती थीं कि पार्टी आफिस जाने से पहले उनके भाई के घर का हाल-चाल पता करता जाऊ । ऐसे ही उस दिन भी कहा था और वहा...
Deen Dayal Singh
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अभी तो हूँ एक  छोटा बच्चा, लक्ष्य मगर है मेरा अच्छा...पढ़ लिख कर अच्छा इंसान बनूँ ,अपने देश के काम आऊ...-- मैदुल   अपना स्कूलपनकी पड़ाव
विजय राजबली माथुर
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यह जानते हुये भी कि मै शालिनी के पीहर वालों के व्यवहार और रवैये से खुश नहीं था उनका अक्सर आग्रह होता था कि मै जाते या आते मे थोड़ी देर रुक कर सिटी स्टेशन पर उनकी माँ,भतीजियों ,भाई-भाभी का हाल-चाल पता करता आऊ क्योंकि यदि कोई खास बात हो तो वह भी वहाँ जा कर देख सकें।...
 पोस्ट लेवल : संगीता सरबाईना मदद
jaikrishnarai tushar
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कवि -डॉ० विनोद निगम सम्पर्क -09425642597डॉ० विनोद निगम हिन्दी नवगीत विधा के प्रमुख हस्ताक्षर हैं |ये अपने आसपास विखरी हुई अनुभूतियों को ग्रहण कर उसे छन्द में ढाल कर गीत -नवगीत का सृजन करते हैं |यह सृजन बिना किसी हो हल्ला या शोरगुल के हो जाता है |बहुत ही शान्त...
संगीता पुरी
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कभी अतिवृष्टि तो कभी अनावृष्टि को झेलना भारतवर्ष की मजबूरी रही है। इसी वर्ष जुलाई से सितंबर तक होनेवाले लगातार बारिश से देश के विभिन्‍न भागों में लोग परेशान रहें। जहां गांव के कृषकों को खेत की अधिकांश फसलों का नुकसान झेलना पडा , वहीं शहरों के लोगों का भी जनजीवन बार...
अविनाश वाचस्पति
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नमस्कार , कुछ खास चिट्ठे ले कर आई हूँ , आशा है पसंद आयेंगे ….चिठियाना-टिपियाना सुलह वार्ता from विचार by मनोज कुमारउस दिन छ्दामी लाल की अनुपस्थिति में चिठियाना और टिपियाना मिल्लेनियम पार्क की एक बेंच पर गंगा के किनारे मिले और उनके बीच संवाद का आदान- प्रदान शुरु...