ब्लॉगसेतु

अरुण कुमार निगम
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हिंदी फिल्मों का प्रादुर्भाव सन ३० के दशक से हुआ है.मूक फिल्मों से सवाक फ़िल्में .श्वेत -श्याम फिल्मों से रंगीन फिल्में. अब ३ - डी फिल्में और आगे चल कर न जाने क्या -क्या विकास होगा.विकास की इस यात्रा में फ़िल्मी गीतों की सदा अहम् भूमिका रही है.पुरानी फिल्मों म...
 पोस्ट लेवल : पुराने फ़िल्मी गीत
Ashok kumar
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अगर आप पेट दर्द या सिर दर्द से तड़पते हुए अस्पताल पहुंचे और वहां पहुंचने पर डाक्टर दवा देने के बजाय आपको संगीत सुनाने लगे तो चौंके नहीं। शायद आपको विश्वास नहीं हो, लेकिन आने वाले समय में संगीत को कई बीमारियों के इलाज का कारगर नुस्खे के तौर पर इस्तेमाल में लाया जाने...
 पोस्ट लेवल : संगीत चिकित्सा
jaikrishnarai tushar
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कवि -विनोद श्रीवास्तवसम्पर्क -09648644966आज हम एक ऐसे हिन्दी के वाणी पुत्र से आपका परिचय कराने जा रहे हैं जो बिना किसी शोरगुल के एक मीठे जल की शांत झील में खिले कमल के फूल सा अपनी खुशबू हिन्दी के पाठकों तक पहुंचा रहा है |इस लोकप्रिय कवि का नाम है विनोद श्रीवास्तव |...
Krishna Kumar Yadav
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स्मृति की मञ्जूषा सेएक और पन्नानिकल आया है .लिए हाथ मेंपढ़ गयी हूँ विस्मृतसी हुई मैं .आँखों की लुनाईछिपी नहीं थीतुम्हारा वो एकटक देखनासिहरा सा देता था मुझेऔर मैं अक्सरनज़रें चुरा लेती थी .प्रातः बेला मेंबगीचे में घूमते हुएतोड़ ही तो लिया थाएक पीला गुलाब मैंने .और ज...
अशोक पाण्‍डेय
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11 अप्रैल को हिन्‍दी के प्रख्‍यात कथाशिल्‍पी फणीश्‍वर नाथ रेणु की पुण्‍यतिथि थी। उस दिन चाहता था कि उनकी स्‍मृति से जुड़ी कुछ बातें खेती-बाड़ी में भी सहेज लूं। लेकिन गांव में संसाधनों की सीमाएं होती हैं। कभी नेट फेल, कभी बत्‍ती गुल। सब कुछ ठीक-ठाक रहा भी तो खेती-गृ...
Krishna Kumar Yadav
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तेरी आँखों के ये आँसूं,मेरे दिल को भिगोते हैं,तुझे याद कर-कर हम भी,रात-रात भर रोते हैं,बिन तेरे चैन कहाँ,बिन तेरे रैन कहाँ,जाएँ तो जाएँ कहाँ,हर जगह तेरा निशाँ,तेरे लब जब थिरकते हैं,बहुत हम भी मचलते हैं,चाहते हैं कुछ कहना,मगर कहने से डरते हैं॥कितने हैं शायर यहाँ,कित...
अशोक पाण्‍डेय
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संगीत हमारी कृषि संस्‍कृति का जरूरी हिस्‍सा है। हमारे गांवों में कोई भी मांगलिक या कृषि संबंधी कार्य गीत-संगीत के बिना संपन्‍न नहीं होता। घर में बच्‍चा जन्‍म ले या खेत में पौधे उगाए जाएं, उनकी पूरी जीवन-अवधि में गीत गाए जाते रहते हैं। हर अवस्‍था के लिए अलग-अलग तरह...
अन्तर सोहिल
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इस पोस्ट से अगर किसी की भावनाओं को आघात पहुँचता है तो पोस्ट क्षमायाचना सहित हटा दी जायेगी। अगर आपने तारीफ में टिप्पणियां कर दी तो आगे पूरी रामायण इसी प्रकार गीतमाला रिमिक्स करके सुनाई जायेगी। कृप्या सोच-समझ कर टिप्पणी करें। चित्र गूगल सेअयोध्या के राजा दशरथ के घर...
 पोस्ट लेवल : antarsohil antarsohel Antar Sohil antar sohel संगीत
jaikrishnarai tushar
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सत्यनारायण सम्पर्क -09334310250हिन्दी के जाने -माने गीत कवि कैलाश गौतम का एक गीत है -आज का मौसम कितना प्यारा /कहीं चलो ना जी /बलिया ,बक्सर ,पटना ,आरा /कहीं चलो ना जी |जी हाँ आज हम एक अप्रतिम गीत कवि की तलाश में आपको ले चलते हैं बिहार की राजधानी पटना, जहां सत्य...
jaikrishnarai tushar
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कवि -अमरनाथ श्रीवास्तव समय [21-06-1937 से 15-11-2009]जिस जनपद की मिट्टी में मशहूर कथाकार /उपन्यासकार राही मासूम रज़ा का उपन्यास आधा गांव देश भर में ख्याति बटोरता है , उसी मिट्टी में जन्म लेते हैं हिन्दी के सुप्रसिद्ध नवगीतकार अमरनाथ श्रीवास्तव | अमरनाथ श्रीवा...