ब्लॉगसेतु

सुशील बाकलीवाल
426
        मौसम के बदलाव के चलते आसानी से जो समस्या सामान्य तौर पर हमें सबसे पहले प्रभावित करती है वह यही सर्दी, खांसी और जुकाम होते हैं जो एक ही परिवार के रोग माने जाते हैं और इनकी औषधि भी तकरीबन एक ही होती है । हम यहाँ आपको कुछ ऐसे आसान नुस्खे बत...
Kajal Kumar
7
161
गुड़ियामाँ लाई है प्यारी गुड़िया उसको  वस्त्र पहनाऊंगी हरे रंग का लहगाँ होगा चूनर लाल ओढाउँगी खाना खाने बैठूंगी जबउसके हाथ धुलाउँगी रूठेगी जब  प्यारी गुड़िया उसको सदा मनाऊंगी परेशान गर्मी से होगीतब उसको नहलाऊंगी&nbs...
Asha News
81
झाबुआ। झाबुआ का राजा ग्रुप (जेकेआर) द्वारा शहर के सभी सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के साथ मिलकर 6 अप्रेल को हिन्दू नववर्ष गुड़ी पड़वा पर्व पर मातृ शक्ति वाहन रैली निकाली जाएगी। वाहन रैली में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं शामिल होने के साथ इस दौरान उनके द्वारा मतदाता जा...
विजय राजबली माथुर
165
स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं
 पोस्ट लेवल : करी पत्ता गुड कंटोला
ज्योति  देहलीवाल
24
''शिल्पा, ओ शिल्पा...शिल्पा, ओ शिल्पा...'' पडौसी ताईजी की गुस्से वाली आवाज सुन कर मैं हैरान हो गई। क्योंकि ताईजी को आज तक किसी ने भी गुस्से में नहीं देखा था। वे बहुत ही मृदुभाषी, विनम्र और मोहल्ले में सबसे मिल-जूल कर रहनेवाली बुजुर्ग महिला थी। उनकी तेज आवाज से मेरे...
Yashoda Agrawal
5
प्रेम की नदी का जहाँ से उद्गम होता हैमेरे उस हृदय के अन्तःपुर पर -हक़ तुम्हारा हैतू जो चाहे कर मेरे साथमुझे आँख मूँद कर स्वीकार हैपर कहने की पहल तुम करोकि दिन नहीं गुज़रता कब सेरातों को बस तेरा इंतज़ार हैतू साथ तो धरती पर स्वर्गतेरे ख़्वाब के बग़ैर तो...नीदें भी बेकार ह...
Tejas Poonia
383
दिल्ली के नजदीक चकाचौंध से भरपूर शहर गुडगाँव जो कभी साधारण गाँव हुआ करता था फिर इस पर भी कुछ लोगों की नजर पड़ी और यह औद्योगिक नगरी में बदलता गया । हरियाणा राज्य का यह प्रांत कभी खेती के नाम पर सोना उगलता था जहाँ आज खेतों की जगह कंक्रीट के जंगल बिछे पड़े हैं । उसी जगह...
PRABHAT KUMAR
149
इस तरह बारिश में भीगते हुए मैंने देखा था अपने आपको बस एक बार, बहुत छोटा बच्चा था, एक-एक बूँद भी पड़े तो समझो मेरे हाथों में सिहरन सी होने लगती। लगता कोई हवा चल रही हो और वो अंदर प्रवेश करके सीधे मस्तिष्क तक पहुंच गई हो। हम कागज की नाव बना कर आंगन में भरे लबालब पानी...
S.M. MAsoom
150
पेश ए खिदमत है "अमन के पैग़ाम पे  सितारों की तरह चमकें की नवीं  पेशकश …अंजना जी (गुडिया) "अमन का पैगाम एक ऐसा मंच है जहाँ पर लोग अपने फर्क भुला  कर एक खूबसूरत मकसद के लिए जुड़ते हैं... अमन के लिए जुड़ते हैं! काश ये कोशिश कामयाब हो और जो नफरत और...