ब्लॉगसेतु

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--कातिक की है पूर्णिमा, सजे हुए हैं घाट।सरिताओं के रेत में, मेला लगा विराट।।--एक साल में एक दिन, आता है त्यौहार।बहते निर्मल-नीर में, डुबकी लेना मार।।--गंगा तट पर आज तो, उमड़ी भारी भीड़।लगे अनेकों हैं यहाँ, छोटे-छोटे नीड़।।--खिचड़ी गंगा घाट पर, लोग पकाते आज।जितने भी...
Asha News
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देवगुरु वृहस्पति लगभग 12 वर्षों बाद पुनः 05 नवंबर 2019 को प्रातः अपनी राशि धनु में प्रवेश कर रहे हैं। ये एक सदी में लगभग आठ बार धनु राशि की परिक्रमा करते हैं।  देव वृहस्पति ग्रह 5 नवंबर 2019, मंगलवार रात 12 बजकर 3 मिनट पर अपनी राशि धनु में गोचर करेगा और 29 मार...
शिवम् मिश्रा
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 शिवराम हरि राजगुरु (मराठी: शिवराम हरी राजगुरू, जन्म:२४ अगस्त १९०८ - मृत्यु: २३ मार्च १९३१) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रान्तिकारी थे । इन्हें भगत सिंह और सुखदेव के साथ २३ मार्च १९३१ को फाँसी पर लटका दिया गया था । भारतीय स्वतंत्रता संग्राम...
शिवम् मिश्रा
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नमस्कार साथियो, स्वतंत्रता दिवस की और पावन पर्व रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ. इस वर्ष का सावन माह अपने आपमें अभूतपूर्व घटनाओं का गवाह रहा है. इस अभूतपूर्व स्थिति में इए सुखद और पावन संयोग ही कहा जायेगा कि स्वतंत्रता का महोत्सव और भाई-बहिनों के स्नेह का पर्व एक द...
sanjiv verma salil
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दोहा सलिला *सद्गुरु ओशो ज्ञान दें, बुद्धि प्रदीपा ज्योतरवि-शंकर खद्योत को, कर दें हँस प्रद्योत *गुरु-छाया से हो सके, ताप तिमिर का दूर. शंका मिट विश्वास हो, दिव्य-चक्षु युत सूर.*गुरु गुरुता पर्याय हो, खूब रहे सारल्यदृढ़ता में गिरिवत रहे, सलिला सा तारल्...
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गुरु उन्हें हैं डांटते गुरु उन्हें हैं डांटते, जिनसे करते प्यार। उन्हें न मिलता ज्ञान है, जो होते मक्कार।। जिसकी होती गरज है, वह बन जाता खास।।वरना पूरे विश्व में, मेला रहे उदास।।होंठो पर बंसी लगा, बजा रहे घनश्याम।ग्वाल बाल के हैं सखा, राधे के है श्याम।। बाँह थाम क...
ज्योति  देहलीवाल
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गुरु शब्द में ही गुरु की महिमा का वर्णन है। ‘गु’ का अर्थ है ‘अंधकार’ और ‘रु’ का अर्थ है ‘प्रकाश’। इसलिए गुरु का अर्थ है अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला। यानी गुरु ही शिष्य को जीवन में सफलता के लिए उचित मार्गदर्शन करता है। हिंदू धर्म में आषाढ़ मास की पूर्णिमा का...
sanjiv verma salil
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: विश्ववाणी हिंदी संस्थान जबलपुर :गुरु पूर्णिमा पर दोहोपहार *दर्शन को बेज़ार हूँ, अर्पित करूँ प्रणाम सिखा रहे गुरु ज्ञात कुछ, कुछ अज्ञात-अनाम*नहीं रमा का, दिलों पर, है रमेश का राज।दौड़े तेवरी कार पर, पहने ताली ताज।।*आ दिनेश संग चंद्र जब, छू लेता आकाश।धूप च...
 पोस्ट लेवल : दोहे guru गुरु dohe
sanjiv verma salil
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गुरु महिमा *जीवन के गुर सिखाकर, गुरु करता है पूर्ण शिष्य बिना गुरु,शुरू बिना रहता शिष्य अपूर्ण *गुरु उसको ही जानिए, जो दे ज्ञान-प्रकाशआशाओं के विहग को, पंख दिशा आकाश*नारायण-आनंद का, माध्यम कर्म अकामब्रम्हा-विष्णु-महेश ही, कर्मदेव के नाम*गुरु को अर्पि...
 पोस्ट लेवल : doha guru दोहा गुरु
sanjiv verma salil
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कार्यशाला: रचना-प्रति रचना घनाक्षरी फेसबुक*गुरु सक्सेना नरसिंहपुर मध्य प्रदेश*चमक-दमक साज-सज्जा मुख-मंडल पैतड़क-भड़क भी विशेष होना चाहिए।आत्म प्रचार की क्रिकेट का हो बल्लेबाजलिस्ट कार्यक्रमों वाली पेश होना चाहिए।।मछली फँसानेवाले काँटे जैसी शब्दावलीहीरो जै...