ब्लॉगसेतु

अनीता सैनी
19
कहाँ से आये ये  काले बादल,  किसने गुनाह की गुहार लगायी,  जलमग्न हुए आशियाने, ज़िंदगियों ने चीख़-चीख़  पुकार लगायी |बरस रही क्यों घटा अधीर ? विहग गान से क्यों मेघ ने काली बदरी बरसायी, चिर पथिक थे गाँव के वे  ग्वाले,&nbs...
Amit K Sagar
462
मुंबई से[मुनव्वर सुल्ताना बदरुल हससन "सोनी हसोणी"]इस दुनिया से हमने क्या पायाख़ुशी के बदले दर्द ही हाथ आयाहिंदू-मुस्लिम कहते थे भाई-भाईआज इन्होने ही भाई का दिया बुझा डालाइन लोगों ने हर तरफ़ आंसुओं को बहायाअपना कहकर अब पराया बनायादिल रो उठता है हर उस माँ काजिनके बच्च...