ब्लॉगसेतु

kumarendra singh sengar
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21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा हुई तो बहुत से लोगों को लगा कि उनको घर में कैद कर दिया गया है. प्रधानमंत्री के शब्द कुछ ऐसे थे भी कि लोगों ने इसे एक तरह का कर्फ्यू ही समझा. समझना भी चाहिए था. खैर, चर्चा इसकी नहीं. लॉकडाउन का कौन, कितना, किस तरह से पालन कर रहा, यह उसकी म...
Asha News
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नगर में शोक की लहरथान्दला। राठौड़ समाज के कर्मठ संचालक नगर परिषद नेता प्रतिपक्ष लक्ष्मण राठौड़ के छोटे पुत्र युवा करण राठौड़ का इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल में दुखद निधन हो गया। मिली जानकारी के अनुसार विगत 3 दिन पूर्व रतलाम में वह बाइक से दुर्घटना का शिकार हो गया था जिन्...
 पोस्ट लेवल : events थांदला घटनाए
kumarendra singh sengar
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अपनी उम्र के चार दशक गुजारने के बाद आत्मकथा लिखना हुआ. इसमें अपने जीवन के चालीस वर्षों की वह कहानी प्रस्तुत की गई जिसे हमने अपनी दृष्टि से देखा और महसूस किया. कुछ सच्ची कुछ झूठी के रूप में आत्मकथा कम अपनी जीवन-दृष्टि ही सामने आई. व्यावसायिक रूप से, प्रकाशन की आर्थि...
Asha News
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पुलिस थाना झाबुआ पर पीडि़त परिवार ने दर्ज करवाई रिपोर्ट, सख्त कार्रवाई की मांगझाबुआ। शहर के सज्जन रोड़ पर छोटे तालाब के समीप निवासरत एक परिवार के लोगों को जमीन विवाद के चलते आए दिन प्रताडि़त करते हुए उनके साथ धारदार हथियारों से मारपीट एवं जानलेवा हमला किया जाता है।...
 पोस्ट लेवल : events crime jhabua crime घटनाए
सुशील बाकलीवाल
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       हम सभी के जीवन में कभी अकस्मात कुछ परिस्थितियां ऐसी भी बन जाती है, जब हमें तत्काल किसी अपने की,  विशेष सुरक्षा की या कानूनी मदद की आवश्यकता आ पडती है । किंतु सामान्य तौर पर उस वक्त हम न सिर्फ अकेले होते हैं,  बल्कि इस स्थित...
सुशील बाकलीवाल
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       हम सभी के जीवन में कभी अकस्मात कुछ परिस्थितियां ऐसी भी बन जाती है, जब हमें तत्काल किसी अपने की, विशेष सुरक्षा की या कानूनी मदद की आवश्यकता आ पडती है । किंतु सामान्य तौर पर उस वक्त हम न सिर्फ अकेले होते हैं,  बल्कि इस स्थिति में भी नह...
सुशील बाकलीवाल
427
       हमारे जीवन में कभी भी अकस्मात कुछ परिस्थितियां ऐसी बन जाती है,  जब हमें तत्काल किसी अपने की, विशेष सुरक्षा की या कानूनी मदद की आवश्यकता आन पडती है, और सामान्य तौर पर उस वक्त हम न सिर्फ अकेले होते हैं,  ब...
सुशील बाकलीवाल
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       हम सभी के जीवन में कभी अकस्मात कुछ परिस्थितियां ऐसी भी बन जाती है, जब हमें तत्काल किसी अपने की, विशेष सुरक्षा की या कानूनी मदद की आवश्यकता आ पडती है । किंतु सामान्य तौर पर उस वक्त हम न सिर्फ अकेले होते हैं,  बल्कि इस स्थिति में भी नह...
kumarendra singh sengar
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ये  आवश्यक नहीं कि आप अथवा आपका शहर आतंकिओं के निशाने पर हो और वहाँ किसी तरह का बम धमाका हो, किसी तरह की गोलीबारी हो. बिना इसके भी आतंकी अथवा उनके स्लीपर सेल अपना काम करने के लिए नए-नए रास्ते तलाशने लगे हैं. इसे किसी तरह का आकलन अथवा अनुमान मान कर अनदेखा करने...
अनीता सैनी
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 घटनाएँ लम्बी कतार में बुर्क़ा पहने  सांत्वना की  प्रतीक्षा में लाचार बन  खड़ी थीं | देखते ही देखते दूब के नाल-सी बेबस कतार  और बढ़ रही थी |समय का हाल बहुत बुरा था 1920 का था अंतिम पड़ाव&nb...