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संजीव तिवारी
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सीपी एण्ड बरार से सन् 1930 में घनश्याम सिंह गुप्ता एवं सेठ गोविन्द दास को केन्द्रीय धारा सभा के लिए मनोनीत किया गया। इस अवधि में घनश्याम सिंह गुप्ता, केन्द्रीय धारा सभा में विभिन्न कानूनों एवं केन्द्रीय बिलों के विधायन के बहसों में महत्वपूर्ण दखल देते रहे। उन्होंने...
संजीव तिवारी
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घनश्याम सिंह गुप्त के अवदानों का अध्ययन करते हुए हमने तत्कालीन परिस्थितियों में वर्चस्ववादी राजनेताओं की राजनैतिक चालों से भी परिचित होते रहे। जिसमें पंडित रविशंकर शुक्ल और पंडित द्वारिका प्रसाद मिश्र जैसे सिद्धस्त राजनीतिज्ञों के बीच सामंजस्य बिठाते हुए वे अपनी वि...