ब्लॉगसेतु

संतोष त्रिवेदी
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महासमर शुरू हो चुका है।सभी योद्धा हुंकार भर रहे हैं।युद्धभूमि रक्त की नहीं ‘मत’ की प्यासी लग रही है।कुशल सेनापति अग्रिम मोर्चे पर डट चुके हैं।उनके तूणीर नुकीले,नशीले और ज़हरीले तीर   उगल रहे हैं।इरादे बता रहे हैं कि हर तरह के वादे उनके पास जमा हैं।इन्हीं को गो...
अनंत विजय
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चुनाव के पहले लगभग सभी दल अपना-अपना घोषणा पत्र जारी करते हैं। घोषणा-पत्र में जनता से वादा किया जाता है कि अगर वो सत्ता में आए तो अमुक-अमुक काम करेंगे। देश में इस वक्त लोकसभा चुनाव का माहौल है और अलग अलग दलों ने अपना-अपना घोषणा-पत्र जारी करना शुरू कर दिया है। कांग्र...
Kajal Kumar
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संतोष त्रिवेदी
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चुनाव-प्रचार अंतिम चरण में कूद चुका था।नेताजी जनता के बिलकुल निकट थे।वे उसके चरणों में कूदने ही वाले थे कि क़रीबी कार्यकर्ता ने आचार-संहिता के हवाले से उन्हें रोक दिया।यह रुकावट उन्हें बहुत अखरी।वे अपनी पर उतर आए।जनता के लिए जो बहुरंगी-पिटारी उनके पास थी,उसे खोल दि...
रवीन्द्र  सिंह  यादव
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अनिश्चितता असुरक्षा अस्थिरता का दौर था कभी तत्कालीन परिस्थितियोंवश स्त्री को जकड़ा गया वर्जना की सख़्त बेड़ियों में सामाजिक नियमावली के सुनहरे कड़े जाल में स्वतंत्रता से रहे परे हर हाल में आज स्थिरता का&n...
सुनील  सजल
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लघु कथा- न्याययूँ तो वह थाने में आने वाली रेप पीड़िताओं के साथ कभी न्याय करता नजर नहीं आया । अक्सर पीड़िताओं को उसकी दबंगई के चलते दुत्कार ही मिली पिछले माह की घटना है । इलाके किसी गुंडे ने उसकी बिटिया का अपहरण कर बलात्कार कर दिया । अपने प्रयास से हारा वह अपने ह...
Kajal Kumar
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 पोस्ट लेवल : मोदी घोषणा announcement modi
Kheteswar Boravat
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संतोष त्रिवेदी
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चुनाव सिर पर हैं और नेताजी सांताक्लॉज बन सड़क पर घूम रहे हैं।उनके लम्बे झोले में अनगिन उपहार भरे पड़े हैं।झोला भी अब स्मार्ट होकर ‘विज़न डाक्यूमेंट’ बन गया है।इस पर केवल दृष्टिपात ही किया जा सकता है।जिनकी दृष्टि कमजोर होगी,उन्हें यह ‘विज़न’ दिखेगा भी नहीं क्योंकि इसमें...
संतोष त्रिवेदी
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लो जी,हमने अपना वादा पूरा किया.क्या ख़ाक पूरा किया है ? वादा वही जो पूरा न किया जाय.लेकिन हमने तो वह किया जो कहा.यही तो ईमानदारी है.जी नहीं यह ईमानदारी नहीं बाजीगरी है.बात तो तब है कि जो कहा जाये उसके उलट किया जाय और किया वही जाय,जिसके उलट कभी कहा हो.पर यह तो जनता क...