--केसरिया को छोड़कर, चढ़ा केजरी रंग।मोह देहली का हुआ, केसरिया से भंग।।--सारे एग्जिटपोल के, सही हुए अनुमान।बी.जे.पी. अध्यक्ष का, टूटा गर्व-गुमान।।--जनता अच्छे काम का, देती है ईनाम।धन-बल पर चलता नहीं, कोई कहीं निजाम।।--लड़ते सभी चुनाव को, मुद्दे लिए अनेक।शासन करता...
 पोस्ट लेवल : चढ़ा केजरी रंग दोहे