ब्लॉगसेतु

अनीता सैनी
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आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है विश्व बैंक की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार विश्व के 180 देशों में ( 190 में से ) महिलाओं को पुरुषों के बराबर दर्जा प्राप्त नहीं है। जिन दस देशों में पुरुष-स्त्री को समानता का दर्जा हासिल है, वे हैं - बेल्जियम, फ़्रांस, डेनमार्...
अनीता सैनी
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 आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है गणतन्त्र दिवस पर दिल्ली में जो हुआ वह बेहद दुखद है| किसान आन्दोलन के लिए यह चौरी-चौरा की घटना जैसा हो गया है| चौरी-चौरा की हिंसा के बाद असहयोग आन्दोलन वापस लिया गया| लाल किले की घटना के बाद भले किसान आन्दोलन वा...
अनीता सैनी
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 आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है सिख धर्म की शुरूआत तद्कालीन समाज और धर्म में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने वाले एक सुधारवादी आन्दोलन के रूप में ही हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे इसका अपना अलग स्वरूप विकसित हो गया| समय की माँग अनुसार गुरु गोबिंद सिंह ने इ...
अनीता सैनी
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आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत हैजिस समय मैं चर्चा तैयार कर रहा हूँ, उस समय लोहड़ी का पर्व मनाया जा रहा है| लोहड़ी पंजाब और पंजाबी संस्कृति से जुड़े लोगों का प्रमुख त्यौहार है| हर त्यौहार के साथ वो चीजें जुडी रहती हैं, जिन दिनों में त्यौहार मनाया जाता है|...
अनीता सैनी
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 आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है "एक अलग ही छवि बनती है, परंपरा भंजक होने से तुलसी इनके लिए विधर्मी, देरीदा को खास लिखेंगे|"अदम गोंडवी की ये पंक्तियाँ हम सब लोगों पर बड़ी सटीक बैठती हैं| हम हर बात के लिए पश्चिम की ओर झांकते हैं| पश्चिम की बातों...
अनीता सैनी
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 आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है भले ही आप भारतीय कलेंडर की बात करें, लेकिन इस सच से इंकार नहीं किया जा सकता कि आज वर्ष 2020 का अंतिम दिन है| वैसे एक विचार यह भी है कि हर दिन नया होता है| यदि हम हर दिन आत्ममंथन कर सकते हैं तो यह धारणा बहुत अच्छी है...
अनीता सैनी
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आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत हैजैनेन्द्र कुमार जी अपने निबन्ध 'बाजार दर्शन' में लिखते हैं जिस बाजार में लोग सिर्फ गाहक और बेचक होते हैं, वह मानवता के लिए बिडम्बना है| हमारे पारम्परिक बाजार ऐसे नहीं थे लेकिन आज के बाजार जैनेन्द्र जी की बात पर खरे उतरते हैं| इ...
अनीता सैनी
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 आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है "क्या बोलना जोखिम भरा हो गया है? क्या आपको सरकार के बारे में बोलते वक्त डर लगता है? क्या आप हिसाब करने लगते हैं कि किस हद तक बोला जाए ताकि सरकार और सोशल मीडिया की नाराजगी न झेलनी पड़े? क्या आपको लगता है कि आपको टारगे...
अनीता सैनी
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 आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है क्या शांतिपूर्वक धरना देने आ रहे लोगों को सदके खोदकर, बैरिकेट लगाकर ऐसे रोका जाता है, जैसे वे विदेशी आक्रान्ता हों ? क्या आप भी सोचते हैं कि किसान आन्दोलन विरोधी पार्टियों द्वारा चलाया जा रहा है ? क्या आप सोचते हैं...
अनीता सैनी
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आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत हैखार पर निखार हैराजनीतिमहादेवी वर्मा की कविताएंपूत के पाँवपल-पल है चेतना नई सीऐसे थे राजकमल चौधरीटिप्पणी जरूरी नहीं रहे कहीं भीचीनी यान चंद्रमा परप्रकृत शिल्पकारहवन विज्ञानधन्यवाददिलबागसिंह विर्क