(अहमद नगर का राज्य। दरबार लगा हुआ है। चाँदबीबी अपने दरबारियों के साथ बैठी हुई हैं। उनके चेहरे पर शोक की छाया विद्यमान है। दरबारियों के सिर झुके हुए हैं। कुछ क्षणों के बाद वज़ीर उठकर बोलता है।) वज़ीर   : बेगम साहिबा, हुज़ूरे-आला की जन्नत-परवाज़ के बाद सारी रि...