ब्लॉगसेतु

मधुलिका पटेल
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सोच रहा हूँ आज अपने गाँव लौट लेगांवों में अब भी कागा मुंडेर पर नज़र आते हैंउनके कांव - कांव से पहुने घर आते हैं पाँए लागू के शब्दों से होता है अभिनंदनआते ही मिल जाता है कुएँ का ठंडा पानी और गुड़ धानीनहीं कोइ सवाल क्यों आए कब जाना है नदी किनारे गले मे...
शिवम् मिश्रा
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प्रिये ब्लॉगर मित्रगण नमस्कार,आज की बुलेटिन में प्रस्तुत है मेरी लिखी नई कहानी....लम्हे इंतज़ार के -----------------------------------------------------------------------ऐ मेरे चंदा - शुभ-रात्री, आज रात मेरे लिए कोई प्रेम भरा गीत गाओ। काली सियाह रात का पर्दा गिर चुक...
सरिता  भाटिया
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खुशियों की सौगात ले,आई है जो ईद बदली से चंदा निकल, सभी करेंगे दीद |राम राम मैं भी कहूँ ,तू भी कह रहमान गले मिलो रोजा करो,आई है रमजान |रोजा उसको तुम कहो ,या कह दो उपवास खुशियों के त्यौहार ही,लाते हैं दिन ख़ास |कर्म मास है कर्म कर, व्रत करो सोमवार ...
भावना  तिवारी
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अमन चाँदपुरी के दस दोहेपथ तेरा खुद ही सखे, हो जाये आसान।यदि अंतर की शक्ति की, तू कर ले पहचान।1।--निश्चित जीवन की दिशा, निश्चित अपनी चाल। सदा मिलेंगे राह में, कठिनाई के जाल।2।-- चिर निद्रा देने उन्हें, आते कृपा-प्रवीण।3।निद्रा लें फुटपाथ पर, जो आवास विहीन। -- गर्मी...
भावना  तिवारी
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पाँच क्षणिकाएँ---(1) 'परिवर्तन'जीवन में परिवर्तन जरूरी होता है उसे उत्कृष्ट बनाने के लिए जैसे, कुछ समय पहले अपनी ही रची हुई कविता में परिवर्तन करना।(2) 'कब्र में'ज़िन्दगी के दरवाजे पर हलचल कर रही है मौत अन्त समय में ठंडक कुछ ज़्यादा ही सता र...
भावना  तिवारी
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"पाँच हाइकु"------- 1. नन्हीं गौरैया कमरे में आते ही पंखे से भिड़ी।2. धान लगाती ढेर सारी गोपियाँ कजरी गाती।3. हार पे हार बहुत निर्लज्ज है फिर तैयार।4. बिखरे बीज धरती खुश हुई मिली संतान।5. बड़ा सुकून कन्धों पर उठाया चार लोगों ने।अमन चाँदपुरी 
भावना  तिवारी
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      मेरी एक छोटी सी लाईब्रेरी, जिसमें मुश्किल से पैंतिस-चालिस पुस्तकें ही होगीं और सभी एक से बढ़कर एक। कुछ तो हिन्दी साहित्य की अमूल्य धरोहर और कालजई पुस्तकों में गिनी जाती हैं, एक पुस्तक तो नोबेल पुरस्कार से भी सम्मानित है, और एक साहित्य अ...
भावना  तिवारी
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'बदलता वक्त' परिवर्तित होता जा रहा आज मौसम जाड़ा, गर्मी और बरसात हाय रे ! तीनों भयानक, तीनों निर्मम सह नहीं पाता मेरा बदन एक के गुजरने पर दूसरा बिन बताये शुरू कर देता अपनी चुभन कैसा है ये परिवर्तन क्यों होता है ये परिवर्तन समय बदलता रहता है काल का पहिया चल...
भावना  तिवारी
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मेरे कुछ दोहेतुलसी ने मानस रचा, दिखी राम की पीर।बीजक की हर पंक्ति में, जीवित हुआ कबीर।1।--माँ के छोटे शब्द का, अर्थ बड़ा अनमोल।कौन चुका पाया भला, ममता का है मोल।2।--भक्ति,नीति अरु रीति, की विमल त्रिवेणी होय।कालजयी मानस सरिख , ग्रंथ न दूजा कोय।3।--...
भावना  तिवारी
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मित्रों आज मुझे अमन 'चाँदपुरी' द्वारा भेजी गयी एक लघुकथा प्राप्त हुई।अमन 'चाँदपुरी' एक नवोदित हस्ताक्षर हैं।जिनका परिचय निम्नवत् है-नाम- अमन सिहं जन्मतिथि- 25 नवम्बर 1997 ई. पता- ग्राम व पोस्ट- चाँदपुर तहसील- टांडा जिला-...