ब्लॉगसेतु

सुशील बाकलीवाल
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      एक अनुभवी चित्रकार ने अपनी समझ के अनुसार प्रकृति का एक अत्यंत खूबसूरत चित्र बनाया फिर यह सोचकर कि लोगों को इसमें क्या कमी दिख सकती है उस चित्र को एक तूलिका और रंगों की प्लेट के साथ यह नोट लगाकर रख दिया कि यदि आपको इसमें कोई कमी दिखे तो कृपया उस...
मुकेश कुमार
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चाय के मीठे घूंट की शुरुआत मैया के पल्लू को दांतों में दबाये, उसके होंठों से लगे स्टील के ग्लास को उम्मीदों के साथ ताकने से हुई। फिर ये रूटीन कब फिक्स हो गया याद नहीं कि मैया के चाय के ग्लास के अंतिम कुछ घूंट पर मुक्कू का नाम रहेगा। शायद कभी एक दो बार मैया से गलती...
kumarendra singh sengar
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आज 15 दिसम्बर को अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस मनाया जा रहा है. इसका मुख्य लक्ष्य चाय बागान से लेकर चाय की कंपनियों तक में काम करने वाले श्रमिकों की स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित करना है. वर्ष 2004 में मुंबई में व्यापार संघों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की बैठक हुई. उसमें अंत...
ANITA LAGURI (ANU)
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"वाह...!  क्या जादू है तुम्हारे हाथों में,तुम्हारे हाथों से बनी चाय पीकर तो लगता है कि जन्नत के दर्शन हो गये।  सच कहता हूँ सुधा, शादी की पहली सुबह और आज 50 साल बीत जाने के बाद भी तुम्हारे हाथों की बनी चाय में कोई फ़र्क़ नहीं आया।" श्याम जी कहते-कह...
सुशील बाकलीवाल
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                               एक 36 वर्षीय भाई को कैंसर हुआ, जो लास्ट स्टेज पर था । उन्होंने अपनी अब तक की उम्र में ना...
Roli Dixit
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तुम्हारा होनारोज़ रोज़ होनाकोई आदत नहींन ही...
Sanjay  Grover
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 महसूस तो करोमैंने उसे ख़ाली कप दिया और कहा,‘‘लो, चाय पियो।’’वह परेशान-सा लगा, बोला, ‘‘मगर इसमें चाय कहां है, यह तो ख़ाली है!’’‘‘चाय है, आप महसूस तो करो।’’‘‘आज कैसी बातें कर रहे हो, मैं ऐसे मज़ाक़ के मूड में बिलकुल नहीं हूं !?’’‘‘मज़ाक़ कैसा ? क्या ईश्वर मज़ाक़ है ?...
समीर लाल
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Ingredient:पानी – Water – 2 Cupदूध – Milk – ½ Cupचाय पत्ती के बैग – Tea Bags - 2दालचीनी – Cinnamon Stick – ¼ inchहरी इलायची – Cardamom – 4अदरक – Ginger – ½ Inchशक्कर -  Sugar – 1 Tea Spoonमिट्टी का दीया – Clay Diya - 1 Please subscribe to get regular update:ht...
विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं )  संकलन-विजय माथुर, फौर्मैटिंग-यशवन्त यश
सुनील  सजल
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लघुव्यंग्य- थकानशाम का समय ।पति कादफ्तर से लौटना  ।पत्नी को चाय बनाने में थोड़ी देर हो गयी ।"इतनी देर लगा दी बनाने में ..!""आज कुछ थकान  सी लग रही है ।""सारे कपडे धोये हैं ,बिस्तर के ..।""सारे दिन  तो घर में आराम से रहती हो एक दिन के काम में थकान महसू...