ब्लॉगसेतु

अनीता सैनी
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जिंदगियाँ निगल रहा प्रदूषण  क्यों पवन पर प्रतंच्या चढ़ाया है कभी अंजान था मानव इस अंजाम से आज वक़्त ने फ़रमान सुनाया है चिंगारी सोला बन धधक रही मानव !किन ख्यालों में खोया हैवाराणसी सिसक-सिसक तड़पती रही आज...
kuldeep thakur
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ओ गुड़िया!तुम ने भी तोहवस के उन दरिंदों से अपनी रक्षा के लिये.द्रौपदी   की तरहईश्वर को हीपुकारा  होगापर तुम्हे बचाने  ....ईश्वर भी नहीं आए....ओ गुड़िया!तुम भी तोउसी देश की बेटी थीजहां बेटियों को देवी समझकर पूजा जाता हैजहां की संस्कृति ...
Sandhya Sharma
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जानती हूँ मैं जो भी घटापहली बार नहीं सदियाँ हो गई घटतेज़ुल्म सहते-सहतेफिर भी आशान्वित हूँविपरीत परिस्थितियों मेंयातनाओं से डरी नहीं हूँ बहुत खुश हूँ आजचिंगारी एक सुलगती दिखी है हजारो युवा आँखों में मुझे यही चिंगारी...एक किरण बनेगी हर साल की तरह इस साल की सुबह ...
Sandhya Sharma
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संग तेरा पाने क्या क्या करना होगा मितवा, सूरज सा उगना होगा या चाँद सा ढलना होगा.खूब चले मखमली राहों पर हम तो मितवा,काटों भरी राह में भी हँसकर चलना होगा.तारीकी राहों की खूब बढ चुकी है मितवा,चिंगारी को एक शोला बनके जलना होगा.तेरी आहट पे मचले हैं अरमान मेरे मितवा,लगता...