ब्लॉगसेतु

Saransh Sagar
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विषय संवेदनशील है पर इस समय कोई भी व्यक्ति इससे अपरिचित नही रह गया है इसीलिए सभी मित्रों,अग्रज व अनुज के विचार आमंत्रित है !!! रेप , ब्लात्कार य दुष्कर्म जैसी घटनायें होने के क्या क्या कारण है ? वो कौन से तत्व है जो इन अपराधों को जन्म देते है !! रेप , ब्लात्का...
Saransh Sagar
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कड़वा है पर सत्य है !! बलात्कार जैसे जघन्य अपराध को सहन करने वाला समाज आज प्रेम विवाह को बर्दाश्त नही कर सकता ! जितना विरोध इस पर लोगो का आता है उतना ऐसे अपराध करने वाले लोगो के विरोध , अपराध को बढ़ाने वाले कारक य उन परिवार के प्रति सहानुभूति के प्रति नही !! ऐसा...
sanjiv verma salil
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चिंतन ऊँच न कोई नीच है, सब जन एक समान  * 'ब्रह्मम् जानाति सः ब्राह्मण:' जो ब्रह्म जानता है वह ब्राह्मण है। ब्रह्म सृष्टि कर्ता हैं। कण-कण में उसका वास है। इस नाते जो कण-कण में ब्रह्म की प्रतीति कर सकता हो वह ब्राह्मण है। स्पष्ट है कि ब्राह्मण हो...
 पोस्ट लेवल : चिंतन : ऊँच-नीच
Saransh Sagar
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आज के समय में वंश बढ़ाने , समाज में अपने परिवार के अंश को जिम्मेदारी देने व् कई उद्देश्यों के साथ विवाह की महत्वता ऋषि मुनियों ने बतलाई है और हमारे पूर्वजो ने भी इसके कई फायदे बतलाये है ! कई तपस्वी का मानना है कि गृहस्थ आश्रम से बढ़कर कोई तप भी नही !! इसीलिए समाज में...
Saransh Sagar
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आज तमाम नेता और समाज सेवा के नाम पर प्रचार करने वाले कुछ लोग शौक और लोकप्रियता के लिए झाड़ू उठाते फिर रहे है ! जो अपने घर में झाड़ू,पोछा नही कर सकते वो अब स्वच्छता का ज्ञान पेल रहे है ! इस अभियान को फ़ैलाने का उद्देश्य तो सकारात्मक था पर इस अभियान के नाम पर वोट बैंक ब...
sanjiv verma salil
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चिंतनदुर्गा पूजा*एक प्रश्नबचपन में सुना था ईश्वर दीनबंधु है, माँ पतित पावनी हैं।आजकल मंदिरों के राजप्रासादों की तरह वैभवशाली बनाने और सोने से मढ़ देने की होड़ है।माँ दुर्गा को स्वर्ण समाधि देने का समाचार विचलित कर गया।इतिहास साक्षी है देवस्थान अपनी अकूत संपत्ति के...
 पोस्ट लेवल : चिंतन दुर्गा पूजा
Saransh Sagar
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पढ़ ले भाई, अब वक़्त हो गयारोयेगा फिर नही तो कहेगा ये क्यों,क्या और कब हो गया ?बन्द कर दे ये आलसपना,नही तो हो जायेगा मजबूरनिकल जायेगी सारी तेरी हेकड़ी और रोयेगा भरपूरकितने सपने संजो के तुझ को तेरे अभिभावक पढ़ातेउन सपनो को तुम अपने अय्याशियों से यूँ ही कुचलते जातेयाद आए...
Saransh Sagar
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नाम - कुशमा गोसाईं.., 10 साल का बेटा - रामू गोसाईं..,चारों थैलों का वजन 105 किलो.. आज दोपहर करीब 3:00 बजे जब मैं "गुलधर" रेलवे स्टेशन पर उतरा तो सहसा कानों में एक आवाज सुनाई दी--"भैया ई थैला उठवा दीजिए तो "।  पीछे मुड़कर देखा तो लगभग 30 साल की एक महिला खड़ी थ...
Saransh Sagar
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); देखिये ! महंगाई का मौसम है और कहने को विकास हो रहा है पर सच पूछिए विकास और फ्री के नाम पर घोटाले और विनाश हो रहे है ! मूर्ख  बनाने की अगर आप क्षमता रखते है तो आप अच्छे सफल व्यापारी है ये आज कई लोगो का व्...
Saransh Sagar
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सुबह ऑफिस जा रहा था और ये कोई पहली बार नहीं देख रहा हूँ । हमेशा दिख ही जाता है पर बात ये है कि सरकार जब इतनी अच्छी हो और अच्छे पहल करे तो उनके हौसले से मुझे और आम जनता को भी हौसला मिल ही जाता है । भारत सरकार जिस तेजी से स्वच्छ भारत अभियान को बढ़ा...