ब्लॉगसेतु

kumarendra singh sengar
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कल रात नियमित भ्रमण पर हमारीवाणी पर टहलना हो रहा था. अभी ज्यादा दूर जाना नहीं हो सका था कि एक पोस्ट का शीर्षक हमें अपनी कविता जैसा दिखा. ब्लॉगर का नाम भी पहचाना हुआ था. इसलिए लगा नहीं कि हमारी कविता वहाँ पोस्ट की गई होगी. इसके बजाय लगा कि कहीं हमारी कविता के बारे म...
सुशील बाकलीवाल
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        शादी की पहली ही सुबह घर में कोहराम मचा हुआ था।        दूल्हे ने कामवाली को थप्पड़ रसीद कर दिया था।               "हद होती है बेवकूफी की" मम्मी की आवाज़ आई।      &...
सुशील बाकलीवाल
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        इन दिनों वॉट्सएप पर एक मैसेज चलन में बना हुआ है जिसमें वर्षों बाद उन्नति के ऊंचे शिखर पर स्थापित एक छात्र अपने पूर्व प्रोफेसर से मिलने पर उसका धन्यवाद करते हुए कहता है कि सर आज मैंने जो कुछ भी हासिल किया है वो आपकी उस एक दिन की उदारता का...
सुनील  सजल
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व्यंग्य -कामचोरी के फंडे
 पोस्ट लेवल : व्यंग्य फंडे काम चोरी
kumarendra singh sengar
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विगत कुछ समय से फेसबुक पर डाटा चोरी करने के आरोप लगाये जा रहे थे. आज, २२ मार्च को लगभग सभी मुख्य समाचार पत्रों ने इसे प्रमुखता से छापा है. जुकरबर्ग को नोटिस देने तक की बात मंत्री जी ने कही है. समझ नहीं आता कि कोई चोरी करने वाला बिना हमारी लापरवाही के चोरी कैसे कर स...
Sanjay  Grover
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मैं एक परिचित को बता रहा था कि सोशल मीडिया पर कोई नयी बात लिखो तो कैसे लोग पहले यह कहकर विरोध करते हैं कि ‘फ़लां आदमी बीमार मानसिकता रखता है’, ‘फ़लां आदमी ज़हर फैला रहा है’, ‘फ़लां आदमी निगेटिव सोच का है’. फिर उस आदमी को पर्याप्त बदनाम करके कुछ अरसे बाद वही बात अपने ना...
Kajal Kumar
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sanjiv verma salil
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चर्चा मंच-दो कालजयी रचनाएँ: एक प्रश्न *प्रस्तुत हैं शैली और शैलेन्द्र की दो रचनाएँ. शैली की एक पंक्ति ''Our sweetest songs are those that tell of saddest thought.'' और शैलेन्द्र की एक पंक्ति ''हैं सबसे मधुर वो गीत जिन्हें / हम दर्द के सुर में गाते हैं'' के सन्दर्भ...
Sanjay  Grover
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इस फ़िल्म के बारे में आवश्यक जानकारियां आप इन दो लिंक्स् पर क्लिक करके देख सकते हैं -  1, IMDb  2. Wikipediaहो सकता है यह सिर्फ़ संयोग हो कि इस फ़िल्म के अंत में अक्षय कुमार द्वारा बोले गए संवाद के निहितार्थ, बहुत पहले फ़ेसबुक पर लिखे मेरे एक स्टेटस से मिलते...
सुशील बाकलीवाल
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कहाँ पर बोलना है और कहाँ पर बोल जाते हैंजहाँ खामोश रहना है वहाँ मुँह खोल जाते हैंनयी नस्लों के ये बच्चे जमाने भर की सुनते हैंमगर माँ बाप कुछ बोले तो बच्चे बोल जाते हैफसल बर्बाद होती है तो कोई कुछ नही कहताकिसी की भैंस चोरी हो तो सारे बोल जाते हैंबहुत ऊँची दुकानो मे...