ब्लॉगसेतु

sanjiv verma salil
5
ॐ छंद शाला आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'पाठ २ कथ्य भाव लय छंद है *(इस लेख माला का उद्देश्य नवोदित कवियों को छंदों के तत्वों, प्रकारों, संरचना, विधानों तथा उदाहरणों से परिचित कराना है। लेखमाला के लेखक आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल' ख्यात छन्दशास्त्री, नवगीतकार, लघुकथाकार, स...
 पोस्ट लेवल : छंद शाला पाठ २
Basudeo Agarwal
199
गाँवों में हैं प्राण हमारे, दें इनको सम्मान।भारत की पहचान सदा से, खेत और खलिहान।।गाँवों की जीवन-शैली के, खेत रहे सोपान।अर्थ व्यवस्था के पोषक हैं, खेत और खलिहान।।अन्न धान्य से पूर्ण रखें ये, हैं अपने अभिमान।फिर भी सुविधाओं से वंचित, खेत और खलिहान।।अंध तरक्की के पीछे...
Basudeo Agarwal
199
छन्न पकैया छन्न पकैया, वैरागी ये कैसे।काम क्रोध मद लोभ बसा है, कपट 'पाक' में जैसे।नाम बड़े हैं दर्शन छोटे, झूठा इनका चोंगा।छापा तिलक जनेऊ रखते, पण्डित पूरे पोंगा।।छन्न पकैया छन्न पकैया, झूठी सच्ची करते।कागज की संस्थाओं से वे, झोली अपनी भरते।लोग गाँठ के पूरे ढूंढे, औ...
Basudeo Agarwal
199
बिल्ली रानी आवत जान।चूहा भागा ले कर प्रान।।आगे पाया साँप विशाल।चूहे का जो काल कराल।।नन्हा चूहा हिम्मत राख।जल्दी कूदा ऊपर शाख।।बेचारे का दारुण भाग।शाखा पे बैठा इक काग।।पत्तों का डाली पर झुण्ड।जा बैठा ले भीतर मुण्ड।।कौव्वा बोले काँव कठोर।चूँ चूँ से दे उत्तर जोर।।ये ह...
sanjiv verma salil
5
ॐछंद क्या है?*छंद क्या है?छंद रस है,रस बिना नीरस न होनानिराशा में पथ न खोनाचीरकर तम, कर उजालाजागरण का गान होना*छंद क्या है?छंद लय हैप्राणप्रद गंधित मलय हैसत्य में शिव का विलय हैसत्य सुंदर तभी शिव हैअसुंदर के हित प्रलय है*छंद क्या है?छंद ध्वनि हैनाद अनहद सृष्टि रचता...
 पोस्ट लेवल : गीत छंद
ऋता शेखर 'मधु'
112
दोहों का सामान्य शिल्प 13-11 का होता है।आंतरिक शिल्प के आधार पर दोहे 23 प्रकार के होते है।यह है तीसरा प्रकार...छंद विशेषज्ञ नवीन सी चतुर्वेदी जी के दोहे उदाहरणस्वरूप दिए गए हैं।उसी आधार पर मैंने भी कोशिश की है।शरभ दोहा20 गुरु और 8 लघु वर्ण22 2 11 2 12, 22 2 2 212 2...
 पोस्ट लेवल : दोहा छंद छंद दोहा
ऋता शेखर 'मधु'
112
दोहों के प्रकार पर कार्यशाला 2 - सुभ्रमर दोहादोहों के तेईस प्रकार होते है। वैसे 13-11के शिल्प से दोहों की रचना हो जाती है जिनमें प्रथम और तृतीय चरण का अंत लघु गुरु(12) से तथा द्वितीय और चतुर्थ चरण का अंत गुरु लघु(21) से होता है।दोहे में कुल 48 मात्राएँ होती हैं।आंत...
 पोस्ट लेवल : दोहा छंद छंद दोहा
ऋता शेखर 'मधु'
112
दोहों के प्रकार पर आज की कार्यशाला 1-भ्रमर दोहादोहों के तेईस प्रकार होते है। वैसे 13-11के शिल्प से दोहों की रचना हो जाती है जिनमें प्रथम और तृतीय चरण का अंत लघु गुरु से तथा द्वितीय और चतुर्थ चरण का अंत गुरु लघु से होता है।कुल 48 मात्राएँ होती हैं।किंतु आंतरिक शिल्प...
 पोस्ट लेवल : दोहा छंद छंद दोहा
Basudeo Agarwal
199
धोती कुर्ता पागड़ी, धवल धवल सब धार।सुड़क रहे हैं चाय को, करते गहन विचार।।करते गहन विचार, किसी की शामत आई।बैठे सारे साथ, गाँव के बूढ़े भाई।।झगड़े सब निपटाय, समस्या सब हल होती।अद्भुत यह चौपाल, भेद जो सब ही धोती।।बासुदेव अग्रवाल नमनतिनसुकिया29-06-18
Basudeo Agarwal
199
कल पे काम कभी मत छोड़ो, आता नहीं कभी वह काल।आगे कभी नहीं बढ़ पाते, देते रोज काम जो टाल।।किले बनाते रोज हवाई, व्यर्थ सोच में हो कर लीन।मोल समय का नहिं पहचाने, महा आलसी प्राणी दीन।।बोझ बने जीवन को ढोते, तोड़े खटिया बैठ अकाज।कार्य-काल को व्यर्थ गँवाते, मन में रखे न शंका...