ब्लॉगसेतु

जन्मेजय तिवारी
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                  वह जैसे ही ढाबों के सामने पहुँचा, ढाबे वाले उस पर टूट पड़े । उसे लगा कि उसकी खुशी के भी फूट पड़ने का यही वक्त है । क्यों न लपककर दोनों हाथों से इस वक्त को ही लूट लूँ । वह लूटने के लिए थोड़ा और...
Sandhya Sharma
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महाराष्ट्र में महालक्ष्मी का तीन दिवसीय पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी से आरम्भ होता है। "महालक्ष्मी आली घरात सोन्याच्या पायानी भर भराटी घेऊन आली सर्व समृद्धि घेऊन आली, पंक्तियों के साथ महालक्ष्मी की अगवानी की जाती है। माता लक्ष्मी सपरिवार पधारें व हर घर...