ब्लॉगसेतु

Kajal Kumar
0
विजय राजबली माथुर
0
' ब्रह्मसूत्रेण पवित्रीकृतकायाम् ' यह लिखा है कादम्बरी में सातवीं शताब्दी में आचार्य बाणभट्ट ने.अर्थात  महाश्वेता ने जनेऊ पहन रखा है, तब तक लड़कियों का भी उपनयन होता था.(अब तो सबका उपहास अवैज्ञानिक कह कर उड़ाया जाता है).श्रावणी पूर्णिमा अर्थात रक्षा बंधन पर...
विजय राजबली माथुर
0
 Danda Lakhnavi जी की फेसबुक वाल पर एक कमेन्ट पर उनकी प्रतिक्रिया देख कर मैंने एक पोस्ट दी थी जिसे नीचे प्रस्तुत किया जा रहा है परंतु उससे पूर्व एक और पुरानी पोस्ट उद्धृत है जिसमें ब्रह्मसूत्रेण अर्थात जनेऊ की उपयोगिता लक्षित है।...