ब्लॉगसेतु

Kavita Rawat
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          हिन्दी साहित्य की आजीवन सेवा कर हिन्दी-गद्य का रूप स्थिर करने, उपन्यास-साहित्य को मानव-जीवन से संबंधित करने एवं कहानी को साहित्य-जगत् में अग्रसर करने वाले महामानव मुंशी प्रेमचंद का जन्म बनारस से चार मील दूर लमही ग्राम में 31 जुलाई...
शिवम् मिश्रा
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सभी ब्लॉगर मित्रों को सादर नमस्कार।।आज हिन्दी सिनेमा जगत के प्रसिद्ध चरित्र अभिनेता तथा खलनायक स्वर्गीय अमरीश पुरी जी 82वीं जयन्ती है। अमरीश साहब का जन्म जालंधर, पंजाब में 22 जून, सन 1932 ई. में हुआ था। उन्होंने अपने फ़िल्मी कैरियर की शुरुआत प्रेम पुजारी (...
शिवम् मिश्रा
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सभी ब्लॉगर मित्रों को सादर नमस्कार।।चित्र साभार : बुरा भला छत्रपति शिवाजी महाराज जी की ३८४ वीं जयन्ती पर पूरा हिन्दी ब्लॉगजगत और ब्लॉग बुलेटिन टीम उन्हें शत शत नमन करती  है। सादर।। अब चलते हैं आज कि बुलेटिन की ओर  ………… बुरा भला से छत्रपति शिवाजी मह...
शिवम् मिश्रा
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सभी चिट्ठाकार मित्रों को सादर नमस्ते।।आज लाला लाजपत राय जी की 149 वीं जयंती पर सभी भारतवासी भारत माता के इस महान सपूत को सच्चे दिल से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। सादर।।अब चलते हैं आज कि बुलेटिन की ओर  …… शेर ए पंजाब स्व॰ लाला लाजपत राय जी की १४९...
शिवम् मिश्रा
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 "मृतक ने तुमसे कुछ नहीं लिया | वह अपने लिए कुछ नहीं चाहता था | उसने अपने को देश को समर्पित कर दिया और स्वयं विलुप्तता मे चला गया |" - महाकाल "महाकाल" को ११७ वीं जयंती पर हम सब का सादर नमन || आज़ाद हिन्द ज़िंदाबाद ... नेता जी ज़िंदाबाद || जय हिन्द !!!
शिवम् मिश्रा
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"सभी मरेंगे- साधु या असाधु, धनी या दरिद्र- सभी मरेंगे। चिर काल तक किसी का शरीर नहीं रहेगा। अतएव उठो, जागो और संपूर्ण रूप से निष्कपट हो जाओ। भारत में घोर कपट समा गया है। चाहिए चरित्र, चाहिए इस तरह की दृढ़ता और चरित्र का बल, जिससे मनुष्य आजीवन दृढ़व्रत बन सके।" -...
शिवम् मिश्रा
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सभी चिठ्ठाकार मित्रों को सादर नमस्कार।।चित्र साभार : bhavtarangini.blogspot.com 1850 की दिल्ली में धूल और धुएं का गुब्बार नहीं था। यहां था तो बहादुरशाह जफ़र के रूप में मुगलिया सल्तनत का एक ऐसा वारिस, जिसकी नज़र में पस्तहाल मुगलिया सल्तनत को समझने की संवेदना और संस...
शिवम् मिश्रा
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दोस्त ग़मख़्वारी में मेरी सअई फ़रमायेंगे क्या / ग़ालिब दोस्त ग़मख्वारी में मेरी सअ़ई[1] फ़रमायेंगे क्याज़ख़्म के भरने तलक नाख़ुन न बढ़ आयेंगे क्याबे-नियाज़ी[2] हद से गुज़री, बन्दा-परवर[3] कब तलक हम कहेंगे हाल-ए-दिल और आप फ़रमायेंगे, 'क्या?'हज़रत-ए-नासेह[4] गर आएं,...
 पोस्ट लेवल : जयंती मिर्ज़ा गालिब
विजय राजबली माथुर
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आप क़े मानसिक -शारीरिक स्वास्थ्य की खुशहाली ही हमारी दीवाली है । आप को सपरिवार दीपावली की शुभकामनाएं ।  दीपावली का प्रथम दिन अब धन -तेरस क़े रूप में मनाते हैं जिसमे  नया बर्तन खरीदना अनिवार्य बताया जाता है और भी बहुत सी खरीदारिया...
Kavita Rawat
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       "यहु ऐसा संसार है, जैसा सेमर फूल।        दिन दस के ब्यौहार कौं, झूठे रंग न भूल।।"        दस दिन के जीवन पर मानव नाहक ही मिथ्या अभिमान करता है। वह भूल जाता है कि जीवन तो सेमल के फूल के समान क्षण...
 पोस्ट लेवल : कबीर जयंती विशेष