ब्लॉगसेतु

अनंत विजय
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शशि थरूर, समकालीन राजनीति का एक ऐसा नेता जिनका विवाद के साथ चोली दामन का साथ है।कई बार विवाद हो जाता है,जबकि बहुधा वो विवादों को आमंत्रित करते हैं। पिछले दिनों उनकी किताब ‘द पैराडॉक्सिकल प्राइम मिनिस्टर’ आई थी जो नरेन्द्र मोदी पर केंद्रित है। पैराडॉक्सिकल का शाब्दि...
Lokendra Singh
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 राजनेताओं  को यह समझना होगा कि अपने राजनीतिक नफे-नुकसान के लिए किसी व्यक्ति या संस्था पर झूठे आरोप लगाना उचित परंपरा नहीं है। कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी शायद यह भूल गए थे कि अब वह दौर नहीं रहा, जब नेता प्रोपोगंडा करके किसी को बदनाम कर दे...
Arvind Mishra
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मैं देख रहा हूँ मेरे कुछ मुट्ठी भर तथाकथित प्रगतिशील फेसबुकिया मित्र प्रत्यक्ष, परोक्ष और कुछ घुमा फिराकर, कभी दबी जुबान कभी मुखर होकर भी देशविरोधी तत्वों को सपोर्ट कर रहे हैं। उनकी निजी कुंठाओं , दमित इच्छाओं को शायद ऐसे मौकों की तलाश रहती है जब वे अपनी दबी रुग्ण...
Lokendra Singh
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 प्र धानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर उनसे जुड़ी 100 फाइलों को सार्वजनिक कर दिया है। इन फाइलों को पोर्टल 'netajipapers.gov.in' पर डिजीटल रूप में उपलब्ध कराया गया है। साथ ही कहा गया है कि नेताजी से जुड़ी और फाइलों को 25-25 की संख्या...
Lokendra Singh
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 कां ग्रेस की मुंबई इकाई के मुखपत्र 'कांग्रेस दर्शन' में प्रकाशित लेखों में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और सोनिया गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि लेखों के शीर्षक 'कांग्रेस की कुशल सारथी सोनिया गांधी' और 'पिता ने सबसे पहले सोनिया न...
विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं ) यह लेख धर्मयुग 13 नवंबर 1977 के पृष्ठ 16 पर प्रकाशित है : संकलन-विजय माथुर, फौर्मैटिंग-यशवन्त यश
Lokendra Singh
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 सु प्रीम कोर्ट ने समान नागरिक संहिता को लेकर भाजपानीत केन्द्र सरकार से सवाल पूछकर एक जरूरी बहस को जन्म दे दिया है। सुप्रीम कोर्ट में क्रिश्चयन डायवोर्स एक्ट की धारा 10ए (1) को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई चल रही थी। याचिका दायर करने वाले अलबर्ट एंथोनी का...
Lokendra Singh
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 आ धुनिक भारत के शिल्पी सरदार वल्लभ भाई पटेल के विचार, कर्म और उनकी स्मृतियां मन को रोमांच और गौरव से भर देती हैं। वे ऐसे राष्ट्रभक्त महापुरुष थे जिनके लिए 'राष्ट्र सबसे पहले' था। सरदार सही मायने में राष्ट्रीय एकता के प्रतीक थे और हैं। उनकी जयंती को 'राष्ट्रीय...
Lokendra Singh
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 भा रत १५ अगस्त, १९४७ को आजाद हुआ। प्रधानमंत्री की कुर्सी हासिल करने में जवाहरलाल नेहरू ने सफलता पाई। हालांकि देश सरदार वल्लभ भाई पटेल को अपना मुखिया चुनना चाहता था और चुना भी था। लेकिन, महात्मा गांधी की भूल कहें या जवाहरलाल नेहरू की जिद, सरदार को सदारत नहीं म...